नेट-थियेट पर क्लासिकल वेव की उडान ‘और आहिस्ता किजीये बातें धड़कने कोई सुन रहा होगा’
जयपुर। नेट-थियेट के कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज प्रदेष के युवा गायक सुमंत मुखर्जी ने अपनी सुरीली पुरकषिष आवाज में जब ताहिर फराज की ग़ज़ल काष कोई ऐसा मंजर होता मेरे कांधे पे तेरा सर होता सुना कर कार्यक्रम का आगाज किया। इनके साथ तबले पर गुलाम फरीद और हारमोनियम पर शेर खान ने असरदार…
