पुलिस अकादमी मे खेला गया नाटक चौथमल मास्साब
जयपुर। इंसान को जीने के लिए सिर्फ रोटी कपड़ा और मकान की ही जरूरत नहीं होती और भी वगैरह वगैरह की जरूरत होती है यह वगैरह आदिम भूख का ही दूसरा नाम है, जिसे ठरक भी कहते हैं जो होती तो हर किसी में है पर उसे उजागर कोई नहीं करता….. रंगशिल्प द्वारा आज राजस्थान…
