सांस्कृतिक जीवन की चमक बिखेरती है पुस्तक ‘रोळी मोळी’
जयपुर : आखर पोथी के अंतर्गत रविवार को लेखक कमल किशोर पिपलवा की पुस्तक रोळी मोळी पर साहित्यिक चर्चा की गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. ज्योतिपुंज ने कहा कि राजस्थानी जनजीवन का हिंदी और अन्य भाषाओं में वर्णन तो है लेकिन मायड़ भाषा में लोक साहित्य, लोकरंजन, लोक जीवन का सुंदर वर्णन…
