जयपुर : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शुक्रवार रात को कार्रवाई करते नगर निगम ग्रेटर, जयपुर के एक घूसखोर फाइनेंस एडवाइजर को दो दलालो के साथ गिरफ्तार किया है। एडवाइजर दोनों दलालों के मार्फत ठेकेदारों से रिश्वत की रकम वसूलता था। यह कार्रवाई एसीबी की विशेष अनुसंधान ईकाई के प्रभारी एडिशनल एसपी बजरंग सिंह शेखावत के नेतृत्व में हुई। मामले में उच्चाधिकारियों की लिप्तता भी सामने आई है। एसीबी जल्द ही उनको भी पूछताछ के लिए बुलाएगी। यह भी पता चला है कि फाइनेंस एडवाइजर नगर निगम ग्रेटर के उच्चाधिकारियों और दलालों के बीच की कड़ी है।
डीजी बीएल सोनी ने बताया कि रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार आरोपी अचलेश्वर मीणा नगर निगम ग्रेटर, जयपुर में वित्तीय सलाहकार है। इसके अलावा धनकुमार जैन और अनिल अग्रवाल को दलाली करते पकड़ा है। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि नगर निगम, ग्रेटर, जयपुर में विभिन्न कार्यों के टेण्डर देने से लेकर कार्यों के निरीक्षण, माप तथा बिल पास करने और उनका भुगतान करने की एवज में सम्बंधित फर्म और ठेकेदारों से बतौर कमीशन रिश्वत वसूलते थे।
रिश्वत की रकम गायब कर दी
आरोपी अचलेश्वर यह रकम दोनों दलालों के माध्यम से वसूलता था। एसीबी मुख्यालय को रिश्वत के इस खेल की शिकायत मिली थी। तब सत्यापन किया गया। शुक्रवार को सूचना मिली कि दोनों दलाल वसूली गई रिश्वत की रकम लेकर अचलेश्वर मीणा को सौंपने गए है। तब एसीबी ने अचलेश्वर के घर दबिश दी। अचलेश्वर मीणा को पकड़ने के बाद धनकुमार जैन के घर छापा मारा। वहां 27 लाख रुपए नकद और 10 से ज्यादा एग्रीकल्चर जमीन के दस्तावेज मिले। फिर दलाली के घेरे में आए अनिल कुमार अग्रवाल को पकड़ा गया।
