जयपुर : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना और वैक्सीनेशन को लेकर अफसरों और मेडिकल एक्सपर्ट के साथ ओपन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। करीब घंटे भर चली बैठक में बच्चों का वैक्सीनेशन का मामला छाया रहा। सीएम गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार को सभी बच्चों के लिए वैक्सीनेशन शुरू करना चाहिए। इसमें केवल 15 से 18 साल के बच्चों से काम नहीं चलेगा। हमें सभी बच्चों को टीका लगाना चाहिए। 60 साल से ऊपर के लोगों को बूस्टर डोज के लिए को-मॉर्बिट (पहले से ही गंभीर रोगों से घिरे हुए लोग) का राइडर हटाना चाहिए। सभी आयु के मॉर्बिट को बूस्टर डोज लगना चाहिए।
स्कूल-कॉलेज पर सोच-समझकर लेंगे फैसला
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि कई राज्यों में हॉस्टल, कोचिंग, स्कूल-कॉलेज बंद हो गए हैं। अभी एक्सपर्ट ने कहा कि यह कोई तोड़ नहीं हैं। स्वाइन फ्लू के समय भी स्कूलों की छुट्टियों की बात चली थी। स्कूल बंद करते ही बच्चे घूमने लगे तो और ज्यादा मुसीबत हो जाएगी। हम स्कूल-कॉलेज पर सोच-समझकर फैसले करेंगे। कई बार लोगों में मैसेज देने के लिए फैसले करने पड़ते हैं कि हालत कितनी गंभीर है।
गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार स्वीकार करे कि एक साथ इतने बड़े देश में एक साथ इंतजाम नहीं हो सकता, लेकिन जनता को आश्ववस्त करें कि धीरे-धीरे सबको वैक्सीन लगा दी जाएगी। दुनिया के 40 देशों में 2 साल तक के बच्चों को वैक्सीन लग चुकी है। हम हमारे बच्चों को कैसे वंचित रख सकते हैं। गहलोत ने कहा कि हम जल्द प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को चिट्ठी लिख रहे हैं कि बच्चों को वैक्सीन लगे। सभी आयु के मॉर्बिट को वैक्सीन लगे। पीएम को लिखने से पहले चर्चा के लिए ही यह वीसी की जा रही है।
वैक्सीनेशन से छूटे हुए वर्गों पर करें फोकस
सीएम गहलोत ने अफसरों से कहा कि घुमंतू जातियों, कच्ची बस्तियों पर फोकस करें। ऐसे लोगों को देखें, जो इस बीमारी की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं। वैक्सीनेशन से छूटे हुए वर्गों पर फोकस करें। हमें हर हाल में वैक्सीनेशन पूरा करना है, तभी राजस्थान सेफ होगा।
सीएम गहलोत ने कहा कि ओमिक्रॉन खत्म होने के बाद कौन सी बीमारी आएगी, यह अभी किसी को नहीं पता। जिस तरह पोस्ट कोविड बीमारियों के नतीजे आ रहे हैं, वह सबके सामने है। ओमिक्रॉन में अभी मौतें नहीं हो रही हैं। इसलिए लोग परवाह नहीं कर रहे हैं। इस लापरवाही का नतीजा हमें बाद मेंं भुगतना पड़ेगा। हम आम जनता को समझाएं कि वह लापरवाही नहीं करें। वैक्सीन लगाएं। प्रोटोकॉल का पालन करें। 31 जनवरी के बाद नो वैक्सीन, नो एंट्री लागू करेंगे। 31 जनवरी तक वैक्सीन की दोनों डोज लगा लो, वरना हम सख्ती करेंगे। तब जाकर हम लोगों को बचा पाएंगें।
बचेंगे तो राजनीति करेंगे
गहलोत ने कहा कि प्रदेशवासियों ने कोरोना की पहली और दूसरी लहर में भी भरपूर साथ दिया। अभी तक हमने सामूहिक प्रयासों से विजय प्राप्त की है। कोविड में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी मिलकर काम करें। जनता और हम बचेंगे तो ही राजनीति करेंगे। लोगों को बचाने में काहे की राजनीति।
