तीन घंटे जप, एक घंटे स्वाध्याय, आधे घंटे करेंगे ध्यान
जयपुर। सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया: सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चित् दु:ख भाग्भवेत्… की मंगल कामना के साथ देश-विदेश के नैष्ठिक गायत्री परिजन शुक्रवार को बसंत पंचमी की पूर्व संध्या पर चालीस दिवसीय प्रखर साधना के लिए संकल्पित हुए। वैश्विक साधना के लिए देशभर से बड़ी संख्या में साधकों ने इसके लिए पंजीकरण करवाया…
