गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गोरखपुर सदर सीट से चुनाव लड़ने के लिए पर्चा दाखिल कर दिया है। पांच बार से सांसद योगी पहली बार गोरखपुर में शहर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर 33 सालों से भाजपा का कब्जा है। योगी के नामांकन में खुद गृह मंत्री अमित शाह और यूपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान मौजूद रहे। यह पहली बार है, जब शाह किसी के नामांकन में शामिल हुए। नामांकन के जरिए पूर्वांचल में बड़ा सियासी शो दिखाने की कोशिश हो रही है।
योगी बोले- बिना भेदभाव आस्था का सम्मान, सुरक्षा की गारंटी
योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘2019 के चुनाव में देश ओर दुनिया के तमाम राजनीतिक विश्लेषक मानते थे कि भाजपा का यूपी में क्या होगा? तब भी अमित शाह कहते थे कि 64-65 से कम नहीं जीतेगी। भाजपा ने यहां 64 सीट जीतकर गठबंधन को फेल कर दिया था। हमने बिना किसी भेदभाव के विकास की परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है।
यह डबल इंजन के सरकार की बदौलत हो पाया है। नतीजा कोई भी व्यक्ति नकारात्मक टिप्पणी नहीं कर सकता। राजनीतिक टिप्पणी अलग बात है। 5 सालों के भीतर सरकार और संगठन ने बिना भेदभाव हर किसी की आस्था का सम्मान किया, और सुरक्षा की गारंटी दी है’।
नामांकन से पहले योगी ने की साधना
नामांकन से पहले सीएम योगी ने गोरक्षनाथ मंदिर में हवन-पूजन कर अर्चना की। रुद्राभिषेक कर भगवान शिव से जीत की कामना की। इसके अलावा योगी ने अपने गुरु महंत अवेधनाथ का भी आशीर्वाद लिया। BJP के प्रदेश पदाधिकारियों ने गोरखपुर में डेरा डाल लिया है। गृह मंत्री अमित शाह का डोर-टु-डोर कैंपेन भी होगा। हालांकि मौसम खराब होने से कैंपेन के टलने की संभावना है। पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी पहुंच रहे हैं।
