चंडीगढ़ : एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने अवैध रेत खनन मामले में सीएम चरणजीत चन्नी के भांजे भूपिंदर हनी को गिरफ्तार कर लिया है। ED ने हनी को पूछताछ के लिए जालंधर ऑफिस बुलाया था। जहां उससे करीब 7 से 8 घंटे की पूछताछ की गई। जवाबों से ईडी संतुष्ट नहीं हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे रात करीब 1 बजे मेडिकल जांच के लिए जालंधर अस्पताल ले जाया गया। अब उसे रिमांड में लेकर पूछताछ होगी। हनी को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। कांग्रेस 6 फरवरी को पंजाब में कांग्रेस का सीएम चेहरा घोषित करने जा रही है। इसमें नवजोत सिद्धू और सीएम चरणजीत चन्नी की दावेदारी है। ऐसे में इस कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर खूब चर्चा हो रही है। पंजाब कांग्रेस के सीएम चेहरे की रेस में चन्नी ही सबसे आगे हैं।
ED ने 18 जनवरी को भूपिंदर हनी और उसके साथियों के ठिकानों पर मोहाली और लुधियाना में रेड की थी। इस दौरान 10 करोड़ कैश, 12 लाख की रोलैक्स घड़ी, 21 लाख का सोना बरामद किया था। ईडी ने 8 करोड़ हनी के मोहाली के होमलैंड स्थित घर और 2 करोड़ उसके पार्टनर संदीप के लुधियाना स्थित ठिकाने से बरामद किया था। सूत्रों के मुताबिक ED की जांच में यह भी सामने आया था कि हनी की साथियों के साथ एक कंसलटेंसी फर्म थी, जिसकी साल 2019-20 की टर्नओवर करीब 18 लाख थी। इसके बावजूद इतनी बड़ी रकम बरामद हुई।
करोड़ों रुपयों के बारे में जवाब नहीं मिला
सूत्रों की मानें तो ED की टीम ने करीब 8 घंटे की पूछताछ में भूपिंदर हनी से सीएम चन्नी से कनेक्शन के बारे में पूछताछ की। हनी से पूछा गया कि क्या यह रकम उनके मौसा यानी सीएम चन्नी ने उनके पास रखवाई थी? या यह अवैध रेत का कारोबार उनके मौसा का है?। हालांकि इसके बारे में हनी से कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं मिला। भूपिंदर हनी अपने घर से मिले 8 करोड़ के कैश के बारे में भी कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं दे सका।

हनी मेडिकल जांच में फिट
ED ने दोपहर 3 बजे भूपिंदर हनी से पूछताछ शुरू की। जिसमें ईडी के वरिष्ठ अफसर मौजूद रहे। इसके बावजूद हनी से कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद ED ने उसे अरेस्ट करने कर लिया। जिस दौरान हनी ने घबराहट की शिकायत की। ED की टीम उसे जालंधर के सिविल अस्पताल ले गई। वहां जांच में वह पूरी तरह फिट मिला। हनी की सभी रिपोर्ट नॉर्मल आई। जिसके बाद ईडी उसे दफ्तर ले गई और वहां बंद कर दिया।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई 2018 में दर्ज हुए अवैध रेत खनन के केस में की गई थी। यह केस तत्कालीन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के हवाई दौरे में अवैध रेत खनन पकड़े जाने के बाद हुआ था। पुलिस ने तब रोपड़ के थाने में IPC की धारा 379, 420, 465, 467, 468, 471 और माइन्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
