नागौर (डीडवाना): नागौर की गैंग रेप पीड़िता की जयपुर स्थित SMS हॉस्पिटल में मौत के बाद मचे पॉलिटिकल बवाल के बाद शाम में जिला कलेक्टर पीयूष समारिया भी डीडवाना पहुंचे। यहां कई दौर की वार्ता असफल होने के बाद देर रात में सहमति बन गई। पुरे मामले की ADG क्राइम से जांच कराने और बालिग होने पर पीड़िता के एक बच्चे को सरकारी नौकरी की राजकीय अनुशंषा करने सहित कुल 11 मांगे मानी गई है। प्रशासन ने ये सहमति पत्र भी परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजन शव लेने को तैयार हो गए।
इससे पहले देर शाम में जिला कलेक्टर पीयूष समारिया डीडवाना पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने धरने पर बैठे परिजनों और प्रदर्शनकारियों को वार्ता के लिए न्यौता भेजा। थोड़ी ना नुकर के बाद पीड़िता के पिता और भाई के साथ 20 सदस्यीय डेलिगेशन उनसे मिलने ADM कार्यालय पहुंचा था। कलेक्टर समारिया के साथ वार्ता में डेलिगेशन के सदस्यों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर सहमति नहीं बन पाने के कारण कई बार वार्ता विफल भी हो गई। इस दौरान प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई। लेकिन आखिरकार देर रात 10 बजे प्रसाशन ने कुल 11 मांगे मान ली।
