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डीडवाना गैंगरेप प्रकरण : पीड़िता के पिता ने दी सुसाइड की धमकी, बोले- बिना परमिशन दाह संस्कार किया तो जान दे दूंगा

डीडवाना

नागौर : डीडवाना गैंगरेप मामले में एक नया मोड़ आ गया। शनिवार देर रात पुलिस ने शव को जयपुर से डीडवाना शिफ्ट कर दिया है। इसके बाद से पीड़िता के पिता और भाई डीडवाना कोर्ट के बाहर धरने पर बैठ गए। पीड़िता के पिता ने सुसाइड करने की धमकी भी दी है। पीड़िता के पिता बोले कि जो कुछ जयपुर में हुआ उसके बाद अब उन्हें बेटी के ससुराल वालों पर भी भरोसा नहीं है। अगर उनकी सहमति के बिना बेटी का दाह संस्कार किया गया तो वो खुद को फांसी लगाकर जान दे देंगे। उन्हें बस न्याय चाहिए।

वहीं पीड़िता का शव डीडवाना स्थित बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखा गया है। मौके पर SDM, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और डिप्टी सहित भारी पुलिस जाब्ता को तैनात किया गया है। पीड़िता के गांव में भी भारी पुलिस जाब्ता भेजा गया है। कुछ लोग पीड़िता के ससुराल पक्ष के लोगों को लेकर उनकी सहमति से पुलिस-प्रशासन से अंतिम संस्कार की मांग कर रहे थे। इसलिए आशंका जताई जा रही थी कि आज ही अंतिम संस्कार करवाया जा सकता था।

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पीड़िता के परिवार से मिल सहायता का दिया आश्वासन

इस दौरान दोपहर में धरना स्थल पर RLP के तीनों MLA खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल, RLP प्रदेशाध्यक्ष व भोपालगढ़ MLA पुखराज गर्ग और मेड़ता MLA इंदिरा बावरी भी पहुंचे। वहां उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने और सरकार द्वारा मांगे नहीं माने जाने तक पीड़ित परिजनों का साथ देने की बात कही। इसके बाद तीनों विधायक पीड़िता के गांव भी पहुंचे और वहां पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की। दिवंगत महिला के पीड़ित परिवार को न्याय मिले इसके लिये RLP पार्टी की तरफ से हर संभव सहयोग करने का भरोसा भी दिया।

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प्रशासन के साथ वार्ता हुई विफल

शाम में जिला कलेक्टर पीयूष समारिया भी डीडवाना पहुंचे। उन्होंने वार्ता के लिए डेलिगेशन भेजने के लिए धरनास्थल पर प्रदर्शनकारियों को न्यौता भेजा। थोड़ी ना नुकर के बाद पीड़िता के पिता और भाई के साथ 20 सदस्यीय डेलिगेशन बनाया गया। ADM कार्यालय में जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया के साथ डेलिगेशन की वार्ता में डेलिगेशन के सदस्यों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर सहमति नहीं बन पाने के कारण वार्ता विफल हो गई। इसके बाद मौके पर प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई।

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