जैसलमेर: लोक देवता बाबा रामदेव की समाधि पर शनिवार को जालोर से आए भक्त ने चांदी से बने दो घाेड़े चढ़ाए। एक घोड़े का वजन 150 किलो और दूसरे का 20 किलो है। जैसे ही चांदी का आदमकद घोड़ा रामदेवरा में लाया गया तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों में घोड़े के साथ फोटो लेने की होड़ मच गई। घोड़ा चढ़ाने आए ओमप्रकाश खात्री पेशे से ज्वेलर हैं। वे बताते हैं कि उनके पड़दादा को सपना आया था बाबा को घोड़ा चढ़ाने का। उसी सपने को हमने पूरा करने ठानी और शनिवार को रामदेवरा में बाबा की समाधि पर चांदी के दोनों घोड़े भेंट किए।
ओमप्रकाश खत्री ने बताया कि वे जालोर के गुड़ा बालोतान गांव के रहने वाले हैं। मुंबई में उनका सोने-चांदी का काम है। बाबा के प्रति उनके परिवार की अटूट श्रद्धा है। घर में बताया जाता है कि हमारे पड़दादा को सपना आया था। आज उन्होंने पड़दादा का सपना पूरा कर दिया। करीब 150 किलो के बड़े घोड़े के साथ 20 किलो का एक छोटा चांदी का घोड़ा भी चढ़ाया है। घोड़े को बनाए हुए तीन साल हो गए हैं, लेकिन कोविड के कारण चढ़ा नहीं पाए। शनिवार को उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ रामदेवरा आकर घोड़े को समाधि पर चढ़ाया। घोड़े की कीमत बताने से उन्होंने इनकार कर दिया। उनका कहना है कि मन्नत का घोड़ा है कीमत नहीं बता सकते।
