चाकसू। चाकसू विधायक वेद प्रकाश सोलंकी पर तथाकथित लोगों द्वारा ट्रांसफर पोस्टिंग में लेनदेन एवं धौलपुर करौली के लोगों का स्थानांतरण कर चाकसू क्षेत्र में लगाने के आरोपों का खंडन करते हुए रविवार को विधानसभा क्षेत्र चाकसू के राजपत्रित, अराजपत्रित कर्मचारी शिक्षा विभाग एवं अन्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा निजी गार्डन में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें विधायक सोलंकी पर लगे आरोपों का सिरे से खंडन करते हुए सभी कर्मचारियों ने एक सुर में कहा की विधायक वेद प्रकाश सोलंकी द्वारा स्थानीयता के आधार पर प्राथमिकता लेते हुए स्थानांतरण किया गया।
जिसके लिए वे विधायक वेद प्रकाश सोलंकी के आभारी हैं। स्थानांतरण के एवज मे किसी भी कर्मचारी से किसी तरह के कोई पैसे नही लिए गए। जिन तथाकथित लोगो ने विधायक मोहदय पर आरोप लगाए हैं, उनके आरोप बे बुनियाद व झूठे आरोप हैं। इस दौरान एसीबीओ प्रकाश चंद मीणा, नोडल प्रभारी रामलाल मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हनुमान सहाय मीणा, प्रधानचार्य कादेड़ा अशोक चौधरी सहित अन्य सेकड़ो कर्मचारी मौजूद थे।
गौरतलब है कि जयपुर जिला प्रमुख व चाकसू, कोटखावदा, माधोराजपुरा पंचायत समिति में प्रधान का पद भाजपा की झोली में जाने के बाद सियासत गरमा गई थी। प्रभारी विधायक मेघवाल ब्लॉक अध्यक्ष गंगाराम मीणा, व पूर्व पार्षद कविता गुर्जर द्वारा विधायक वेदप्रकाश सोलंकी पर पैसे लेकर ट्रांसफर करने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए गए थे।
जिसके बाद सोलंकी के समर्थकों ने भी विधायक सोलंकी के समर्थन में पलटवार कर आरोप लगाते हुए कहा था की जानबूझकर विधायक वेद प्रकाश सोलंकी पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं ताकि पायलट खेमे को बदनाम किया जा सके। प्रभारी विधायक मेघवाल ने तो बगैर जांच पड़ताल किए बिना ही विधायक वेद प्रकाश सोलंकी को दोषी ठहरा दिया जबकि उन्हें निष्पक्ष जांच करनी चाहिए थी पार्टी कार्यकर्ताओं से पूछना चाहिए था और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेना चाहिए था की आखिर किस ने गद्दारी की है लेकिन प्रभारी जी ने तो ब्लॉक अध्यक्ष गंगाराम मीणा व पूर्व पार्षद कविता गुर्जर को अपने पास बुला कर बिना तथ्यों के जांच पड़ताल करते हुए सोलंकी को दोषी ठहरा दिया जबकि असली दोषी तो गंगा राम मीणा हैं। जिन्होंने खुलकर पार्टी के खिलाफ बगावत की। गंगाराम मीणा ने पुष्कर स्थित एक होटल में 20 करोड़ रुपए उक्त तीनों सीटों को बेचा है जिसका प्रमाण सीसीटीवी में साफ दिखाई दे रहा है।
वही विधायक वेद प्रकाश सोलंकी पर आरोप लगाने वाले गंगाराम मीणा की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिससे साफ स्पष्ट हो रहा है कि ब्लॉक अध्यक्ष गंगाराम मीणा द्वारा पार्टी के साथ खुली बगावत की गई है वही कुछ फोटो गंगाराम मीणा के ड्राइवर सीपी शर्मा व उनके बेटे लोकेश मीणा का वायरल हो रहा है जिसमें वह पुष्कर स्थित एक होटल में 2 प्रत्याशियों को लेकर बैठे हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि गंगाराम मीणा उनके समर्थकों द्वारा पार्टी को नुकसान पहुंचाने व विधायक सोलंकी को नीचा दिखाने के लिए यह कृत्य किया जा रहा है। और आरोप विधायक सोलंकी पर लगा रहे हैं। वही इसी के तहत रविवार को एक मीटिंग का आयोजन करते हुए सरकारी कर्मचारी भी विधायक सोलंकी के समर्थन में आगे गए हैं।


