शिविर में पशुपालको को दिया सूअर पालन से संबंधित प्रशिक्षण

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पशुपालको

श्रीगंगानगर : पशु विज्ञान केंद्र सूरतगढ़ में आत्मा योजना अंतर्गत दो दिवसीय वैज्ञानिक प्रबंधन द्वारा व्यवसायिक सूअर पालन प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक शिव सिंह पवार रहे। जिन्होंने अपने केंद्र के द्वारा दिए जाने वाले विभिन्न प्रशिक्षण के बारे में विस्तार पूर्वक बताया तथा प्रशिक्षण शिविर में विशिष्ट अतिथि आत्माराम (जिला प्रबंधक राजीविका) ने राजीविका कि विभिन्न योजनाओं को विस्तार से बताया।

केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. राजकुमार बेरवाल ने दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए बताया कि मादा सूअर के नवजात बच्चों में किस प्रकार खनिज आयरन महत्वपूर्ण है तथा पिगलेट एनीमिया बीमारी को विस्तार से बताया एवं इसका किस प्रकार प्रबंधन पशुपालक कर सकते हैं के बारे में जानकारी दी। सूअर पालन का वैज्ञानिक प्रबंधन, आवासीय प्रबंधन तथा हरे चारे का वैज्ञानिक विधि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। प्रशिक्षण शिविर में केंद्र के डॉ. अनिल घोड़ेला तथा डॉ. मनीष कुमार सेन ने सूअर पालन करने के लिए पशुपालकों को किन-किन चीजों की जरूरत पड़ती है जैसे सुअर पालन में शेड निर्माण, बिजली, पानी तथा सूअर के द्वारा अपशिष्ट पदार्थ को खाद के रूप में प्रयोग में लेने की विधि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। सूअर पालन के लिए नस्ल का चुनाव किस प्रकार करें जिससे सूअर पालन व्यवसाय में अधिक से अधिक लाभ कमाया जा सकता है।

प्रशिक्षण शिविर में किसान कवि रिडमाल सिंह राठौड़ ने अपनी कविताओं के माध्यम से पशुपालकों को प्रेरित किया ओर मनुष्य जीवन को सदुपयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम रखा गया जिसमें प्रथम स्थान बीना, द्वितीय स्थान सतनाम सिंह और तृतीय स्थान पर सुनील कुमार रहें। जिन्हें तथा सभी पशुपालकों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस प्रशिक्षण शिविर में कुल 45 पशुपालकों भाग लिया।

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