सिरोही: पुलिस विभाग ने 10 लाख रुपए लेकर तस्करों को भगाने के मामले में बरलूट के तत्कालीन थानाधिकारी SHO सीमा जाखड़, कॉन्स्टेबल सुरेश विश्नोई, हनुमान विश्नोई और ओम प्रकाश विश्नोई को बर्खास्त कर दिया गया है। डीएसपी मदन सिंह चौहान की जांच में चारों दोषी पाए गए। रिश्वत लेकर तस्कर को भगाने के मामले में राजस्थान पुलिस की खासी बदनामी हुई थी। रिपोर्ट के बाद चारों को पद से हटा दिया गया।
सीमा जाखड़ ने करीब 15 दिन पहले सिरोही जिले के बरलूट थानाप्रभारी के पद पर रहते हुये गिरफ्त में आये डोडा पोस्त तस्कर को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेकर फरार करा दिया था। दो दिन बाद 28 नंवबर को सीमा जाखड़ की शादी होनी है। इससे पहले इस मामले में सीमा जाखड़ के साथ इस मामले में लिप्त पाये गये तीन कांस्टेबलों को भी आज सुबह ही बर्खास्त कर दिया गया है।
सिरोही पुलिस उपाधीक्षक ने की थी जांच
सिरोही एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बरलूट थानाप्रभारी सब इंस्पेक्टर सीमा जाखड़ और तीन पुलिसकर्मियों की भूमिका प्रमाणित होने पर नौकरी से हटाया गया है। पहले एसपी धर्मेंद्र सिंह ने चारों को निलंबित किया था। मामले की पूरी जांच डीएसपी मदन सिंह चौहान को सौंपी थी। उप निरीक्षक सीमा जाखड़ पर कार्रवाई के लिए संबंधित फाइल जोधपुर IG नवज्योति गोगोई को भेजी गई थी। गोगोई ने शुक्रवार को उप निरीक्षक सीमा जाखड़ को बर्खास्त करने का आदेश दिया।
तस्करों से साठ-गांठ कर सौदा किया
सीमा जाखड़ ने तीनों सहयोगियों के साथ मिलकर डोडा तस्करों से साठ-गांठ की थी। 14 नवंबर को उन्हें भगाने के लिए 10 लाख रुपए में सौदा तय किया।
यह है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि करीब दो सप्ताह पहले यह मामला हुआ था. जांच में सामने आया था कि पुलिस ने पकड़े गये तस्कर से सौदेबाजी की थी। सौदा तय हो जाने के बाद उससे बरामद किये गये डोडा-पोस्त की बरामदगी भी कम दिखाई। डोडा पोस्त बरामद तो दो क्विंटल 10 किलो किया गया था। लेकिन उसे केवल 1 क्विंटल 41 किलो दर्शाया गया। बाद में 10 लाख रुपये लेकर तस्कर को वहां से फरार करा दिया गया।

