खाटूश्याम मेला शुरू: गूंज रहे हैं “हारे का सहारा बाबा श्याम” के जयकारे, चारों तरफ नजर आ रहे निशान-पताका; देशभर से पहुंचे लाखों की तादाद में भक्त

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खाटूश्याम मेला शुरू: गूंज रहे हैं

खाटू श्यामजी (सीकर): खाटू में बाबा श्याम का लक्खी मेला आज से शुरू हो गया। 15 मार्च तक चलने वाले मेले में देशभर से श्रद्धालु धोक लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। मेला प्रारम्भ होने से पूर्व ही कल शनिवार को एक लाख से अधिक लोग दर्शन कर चुके। रविवार है और मेले का पहला दिन। रविवार को एक संयोग ये भी है। सूर्य, बुध, गुरु और चंद्र एक साथ कुंभ राशि में आ रहे हैं। कुंभ राशि शनि प्रधान है और इस राशि में चतुर्ग्रही योग बनना अत्यंत लाभदायक होगा। हालांकि चंद्र दो दिन बाद ही अपनी राशि परिवर्तित कर लेगा, लेकिन लगभग 48 घंटे के लिए बन रहा ये चतुर्ग्रही योग सभी के लिए शुभ है। ऐसे में आज दर्शन करने वाले भक्तों का आंकड़ा 1.5 से 2 लाख तक पहुंच सकता है। खाटू का मेला पूरे परवान पर है।

खाटू को जोड़ने वाले सभी मार्गो पर हाथ मे श्याम बाबा का निशान लिए रेले के रेले खाटू की तरफ बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। खाटू से रींगस तक के मार्ग में वाहनों व पदयात्रियों की ऐसी रेलमपेल है कि पूरा रास्ता इन्हीं से जाम है। जयपुर से बीकानेर मार्ग पर भी हजारों की संख्या में निशानधारियो को देखा जा सकता हैं। लखदातार की जय हो… की आवाज ही चारों तरफ सुनाई दे रही हैं। श्याम बाबा के भजन कीर्तन करती मंडलियां नाचती गाती श्याम बाबा के मुख्य मंदिर की तरफ बढ़ रही है। दर्शनों के लिए लगी लंबी लंबी कतारों को देख मेले में पहुंचे भक्तों की संख्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।

 

15 मार्च तक 30 लाख से अधिक श्रदालुओं के दर्शन का अनुमान है। बड़ी तादाद में भक्त तो बाबा श्याम संग होली खेल 18 के बाद ही लौटेंगे।विदेशों से भी दर्शनार्थियों के जत्थे आये हैं। कोरोना काल के बाद के इस सबसे बड़े मेले में कोविड प्रोटोकॉल की पालना के लिए सरकारी टीम तैनात जरूर है पर सरकार के ये प्रबंध भीड़ को देखते हुए बौने साबित हो रहे हैं। मेले में राजस्थान के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, कोलकाता से भक्त पहुंच रहे हैं। इनमें कई भक्त ऐसे हैं जो पूरे मेले के दौरान खाटू में ही रहकर भक्तों की सेवा करेंगे। इस बार हालांकि भंडारे नहीं लगे।

 

 

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