कार में यूनिवर्सिटी चला रहे बिहार के तीन युवकों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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अलवर : जिले में अलवर पुलिस ने ऐसे तीन युवकों को पकड़ा है, जो कार में ही यूनिवर्सिटी चला रहे थे। पैसे देते ही ये हाथों हाथ ग्रेजुएशन से लेकर MCA, DED, पॉलिटेक्निक व लाइब्रेरियन तक की डिग्री- डिप्लोमा दे देते थे। अलवर एनईबी पुलिस ने शनिवार को बिहार के सुधीर कुमार यादव निवासी शाहजहापुर, सुजीत कुमार निवासी पूर्णिया, सचिन कुमार निवासी कृष्णा कॉलोनी को गिरफ्तार किया है। युवकों ने अब तक कितनी डिग्री दी और कितने रुपए लोगों से वसूले इसकी पुलिस जांच कर रही है।

युवकों से बरामद कार में एडमिशन फॉर्म से लेकर एग्जाम की आंसर शीट, डिग्री, डिप्लोमा सहित अधिकारियों की मुहर मिली है। डायरियों में पैसे लेकर डिग्री बांटने का हिसाब मिला है। युवकों ने कहा कि उनका अलवर सहित प्रदेश व देश की कई निजी यूनिवर्सिटी में टाइअप है। वे हाथों हाथ डिग्री व डिप्लोमा देने के बाद संबंधित यूनिवर्सिटी में कागजों की पूर्ति करते हैं। ताकि रिकॉर्ड अपडेट हो सके।

निजी यूनिवर्सिटी के साथ युवकों की मिलीभगत

युवकों ने बताया कि वे BSC, BBA, BCOM, PGDCA, MCA, DED, पॉलिटेक्निक व लाइब्रेरियन सहित अनेक तरह की डिग्री व डिप्लोमा देते हैं। पैसे लेने के तुरंत बाद वहीं पर आंसर शीट भरा लेते हैं, फिर रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी में जमा करा देते हैं। ताकि कभी कोई रिकॉर्ड मिलान हो जाए तो फर्जी नहीं लगे। ये लोग यूनिवर्सिटी में रिकॉर्ड अपडेट बाद में करते हैं। इससे मतलब निकाला जा रहा है कि युवकों की निजी यूनिवर्सिटी के साथ मिलीभगत है।

पुलिस को आरोपियों के पास से विभिन्न यूनिवर्सिटी की 439 आंसर शीट, 850 खाली आंसर शीट, 93 भरे हुए माइग्रेशन प्रमाण- पत्र, 41 कॉलेज प्रमाण- पत्र, टीसी व 91 मार्कशीट, 26 प्रोविजनल सर्टिफिकेट, 4 खाली प्रोविजनल सर्टिफिकेट, 118 खाली माइग्रेशन प्रमाण- पत्र, 37 खाली एप्लिकेशन फॉर्म, 18 ओपीजेएस यूनिवर्सिटी चूरू के लेटर हेड, 3 खाली एफिडेविड, 5 खाली नोड्यूज सर्टिफिकेट, 5 नोड्यूज प्रमाण- पत्र भरे हुए, 22 फीस रसीद, 10 एटीएम, 7 क्रेडिट कार्ड, 1 लैपटॉप, एक टेबलेट, हिसाब की चार डायरियां, 4 मुहर मिली है।

यूनिवर्सिटी के नाम छुपा रही पुलिस

खुलासे के बाद भी पुलिस यूनिवर्सिटी के नाम नहीं बता रही। केवल चूरू की यूनिवर्सिटी का नाम बताया। बाकी अलवर सहित अन्य यूनिवर्सिटी के नाम बताने से पुलिस बचती रही। थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने कहा कि अभी जांच चल रही है। जबकि आंसर शीट व डिग्री डिप्लोमा सहित अन्य कागजों पर यूनिवर्सिटी के नाम लिखे थे। कार्रवाई के बाद पुलिस ने युवाओं को सुझाव भी दिया कि फर्जीवाड़ा करने वालों के चक्कर में नहीं आएं। फर्जी दस्तावेज से लगी नौकरी भी हाथ से चली जाती है।

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