जोधपुर: प्रदेश में मंत्रिमडल पुनर्गठन के बाद भी मुख़्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट समर्थकों के बीच गुटबाजी ख़त्म होती नजर नहीं आ रही है। ऐसा ही कुछ नजारा शुक्रवार को जोधपुर में देखने को मिला। यहां सीएम गहलोत के बेटे व RCA अध्यक्ष वैभव गहलोत और पायलट गुट के मंत्री हेमाराम सर्किट हाउस में एक ही समय पर थे। दोनों ने न तो एक-दूसरे से बात की और न ही मुलाकात। यही नहीं, गहलोत गुट के कई स्थानीय नेता वैभव से तो मिलने पहुंचे, लेकिन इसी समय वहां मौजूद मंत्री हेमाराम से शिष्टाचार भेंट तक करने नहीं गए। हेमाराम मंत्री बनने के बाद पहली बार जोधपुर आए थे।
मंत्रिमंडल के विस्तार के समय सचिन पायलट ने गुटबाजी को लेकर बयान दिया था कि कांग्रेस में सभी एक हैं, किसी का कोई गुट नहीं है। जोधपुर के सर्किट हाउस में तस्वीर उलट ही नजर आई। दो दिन से जोधपुर दौरे पर आए वैभव दिन भर विभिन्न कार्यक्रमों में व्यस्त थे, लेकिन वहां से लौटने से पहले वे सर्किट हाउस पहुंचे। वे हेमाराम के रूम के आगे से दो बार निकले। उन्होंने उस ओर देखा तक नहीं। वे मंत्री को अनदेखा कर वहां से रवाना हो गए। चर्चा इस बात की भी है कि कम से कम मंत्री होने के नाते वैभव को उनसे शिष्टाचार मुलाकात तो करनी ही चाहिए थी।
बाल आयोग अध्यक्ष व MLA ने भी किया इग्नोर
सर्किट हाउस में मंत्री को न केवल वैभव गहलोत ने इग्नोर किया, बल्कि राज्य बाल आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल व विधायक मनीषा पंवार ने भी उनसे मुलाकात करना मुनासिब नहीं समझा। दोनों वैभव गहलोत के साथ मौजूद थे। माना जा रहा है कि वैभव के रहते गहलोत गुट का कोई भी नेता हेमाराम से मुलाकात कर कोई विपरीत मैसेज नहीं देना चाहता था। सर्किट हाउस में आसपास के गांव के कई कार्यकर्ता चौधरी से मिलने पहुंचे और उनका स्वागत भी किया। मंत्री से मिलने शहर के कई लोग भी आए।
