राजसमंद। राजसमंद में कांग्रेस की तैयारी बैठक तो थी केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तरीय विरोध प्रदर्शन आयोजन को लेकर,लेकिन इस बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ता ही आपस में उलझ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत धक्का-मुक्की और हाथापाई तक आ गई।
राजसमंद के प्रभारी पुष्पेन्द्र भारद्वाज की उपस्थिति में हुई इस बैठक में युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष दिलीप जोशी ने अपनी ही पार्टी पर भाजपा नेताओं को तवज्जो देने का आरोप लगा दिया और कहा, पार्टी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर भाजपा नेताओं को मनोनीत पार्षद बना दिया है।
जोशी के इतना कहते ही विवाद बढ़ गया और राजसमंद प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने दिलीप जोशी को बाहर निकालने के आदेश दिए। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोशी के साथ धक्का-मुक्की कर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई की नौबत आ गई, जिससे दिलीप जोशी की पीठ में गंभीर घाव हो गया।
जोशी को किया निष्कासित
बैठक के बाद राजसमंद प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने दिलीप जोशी को सभी पदों से निष्कासित कर दिया। भारद्वाज ने बताया कि जोशी ने नियमों की अवहेलना कर सार्वजनिक मंच पर पार्टी की छवि को खराब करने की कोशिश की है। ऐसे में उनके खिलाफ पार्टी के नियमों के आधार पर ही कार्रवाई की गई है। इस दौरान भारद्वाज ने हाथापाई और धारदार हथियार से जोशी की पिटाई की बात को सिरे से खारिज कर दिया।
दूसरी तरफ दिलीप जोशी ने कहा कि मैं कांग्रेस का सच्चा सिपाही हूं। मुझे निष्कासित करने का अधिकार प्रभारी के पास नहीं है। इस दौरान उन्होंने पार्टी नेताओं पर भी आरोप लगाया और कहा कि इस बार सत्ता और संगठन में भाजपा नेताओं को तवज्जो दी जा रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं को मौका ना देकर भाजपा के नेताओं को राजनीतिक नियुक्तियां दे रही है। जो सरासर गलत है। इसका आगे भी पुरजोर विरोध करूंगा।

