अजमेेर। आरपीएससी(RPSC) में चल रहे राजस्थान प्रशासनिक सेवा(RAS) के इंटरव्यू में अच्छे माक्र्स व सलेक्शन के नाम पर रिश्वत लेने वाले आरोपी जूनियर अकाउन्टेंट के ऊंचे रसूखात की पड़ताल में एसीपी जुटी हुई है। पता चला है कि आरपीएससी सदस्या राजकुमारी गुर्जर व उनके रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पति भेरो सिंह गुर्जर से अच्छे ताल्लुक बताकर उनके नाम से आरोपी सज्जन सिंह गुर्जर रिश्वत ले रहा था। इस तरह की वार्ता का रिकॉर्ड भी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(ACB) को मिला है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुलदीप ने बताया कि देर रात अपने आपको राजकुमारी का पीए बताने वाले नरेन्द्र पोसवाल को भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों ने अपने ऊंचे रसूखात व मेंबर के नाम पर यह घूस ली थी। जांच की जा रही है और जांच के बाद ही मेंबर की मिलीभगत के बारे में कुछ कहा जा सकता है। सबसे मजेदार बात तो यह है कि पच्चीस लाख की घूस के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सज्जन सिंह को 15 अगस्त 2019 को आरपीएससी(RPSC) सम्मानित कर चुकी है।
रेवेन्यू बोर्ड के बाद दूसरा बड़ा संस्थान जिस पर उंगली उठी
अजमेर के लिए रेवेन्यू बोर्ड, आरपीएससी(RPSC) और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का विशेष महत्व है। तीन महीने पहले रेवेन्यू बोर्ड में रिश्वत के मामले में बोर्ड के सदस्य सुनील शर्मा और बीएल मेहरड़ा सहित बिचौलिए वकील शशिकांत जोशी को गिरफ्तार किया गया था। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की बात करें तो यहां के वित्त निदेशक तंवर को शिक्षा बोर्ड की एफडीआर के जरिये करोड़ों रुपए हड़पने का आरोप लगा।

