उदयपुर : एसीबी की टीम के द्वारा रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए भरतपुर आरबीएम हॉस्पिटल के डॉ. अनिल गुप्ता को 12 घंटों के भीतर ही छोड़ दिया गया। डॉ. गुप्ता की रिहाई पर अब प्रदेशभर में सियासत शुरू हो गई है। इसी मामले को लेकर विधानसभा नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने इसे गहलोत सरकार का भ्रष्टाचार करार दिया है। साथ ही ACB की कार्यशैली पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए।
मेरा बच्चा भी भ्रष्टाचार करे तो उसे भी सजा मिले
कटारिया ने पूछा कि ऐसी कौन सी मजबूरी आई कि रिश्वतखोर मुजरिम को ACB की टीम ने छोड़ दिया। इसकी जांच होनी चाहिए। ACB की यह कार्रवाई उनके दोहरे चरित्र को बताती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार को जीरो टोलरेंस पर काम करना चाहिए। अगर मेरा बच्चा भी भ्रष्टाचार करे तो उसे भी सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
भरतपुर RBM हास्पीटल के डाक्टर अनिल गुप्ता को भ्रष्टाचार में गिरफ़्तार कर बारह घण्टे के भीतर छोड़ना संदेहास्पद है, ये राजस्थान सरकार और ACB के सम्मान को गराने वाला कृत है। pic.twitter.com/uOgAtpPN8c
— Gulab Chand Kataria (@Gulab_kataria) August 9, 2021
मेडिकल इमरजेंसी की वजह से उन्हें जमानत पर छोड़ा गया – डीजी
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के डीजी बी एल सोनी इस पूरे मामले को मेडिकल इमरजेंसी बता रहे हैं। उनका कहना है कि रिश्वतखोर के खिलाफ मुकदमा तो चलेगा ही। लेकिन मेडिकल इमरजेंसी की वजह से उन्हें जमानत पर छोड़ा गया है।
