जयपुर। सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों तथा बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को लेकर नाराजगी बढ़ती ही जा रही हैं। शाहपुरा से विधायक मनीष यादव हाल में राजस्थान के प्रभारी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन से शिकायत करके ही आएं थे। आज पूर्व सांसद व विधानसभा चुनाव में किशनगढबास से कांग्रेस उम्मीदवार रहे डॉ. करण सिंह का दर्द छलक उठा। यादव ने निर्दलीयों और बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों को सरकार में महत्व देने पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा- निर्दलीय और बसपा से आने वाले विधायक अपने क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रताडि़त कर रहे हैं। निर्दलीयों और बसपा से आने वाले विधायकों को एकतरफा महत्व मिलने से पार्टी को नुकसान हो रहा है। जहां 13 निर्दलीय और छह बसपा के प्रत्याशी जीत कर आए हैं वहां पर पार्टी कार्यकर्ता पूरी तरह उपेक्षित है। 19 जगहों पर सब कुछ इन्होंने टेकओवर कर लिया है।
हम लोगों की डिजायर कहीं मानी नहीं जाती
पीसीसी में मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. करण सिंह यादव ने कहा- वर्तमान स्थिति में जिस तरह से बसपा से आने वालों को और निर्दलीयों को भाव दिया गया और उन्हें तूल दिया गया, हम लोग एक तरीके से साइडलाइन हो गए। कांग्रेस के लिए जो काम करने वाले लोग थे वह अपने आप को लेफ्ट आउट मानते हैं। हम लोगों की डिजायर कहीं मानी नहीं जाती। नगर पालिका और इन क्षेत्रों में मनोनयन की बात भी उन्हीं लोगों की चलती है। अशोक गहलोत की मजबूरी है कि उन लोगों को खुश रख कर सरकार चला रहे हैं लेकिन इससे कांग्रेस का जो नुकसान हो रहा है।
आधा-आधा बंटवारा हो
यादव ने कहा- कांग्रेस का कार्यकर्ता इन क्षेत्रों में अपने आप को उपेक्षित मानता है। ऐसे में बंटवारा किया जाए कि कुछ काम हमारे हो, कुछ उनके हो। बताते है कि कुछ ऐसा ही दुखड़ा दुर्रू मियां और डॉ.आरसी यादव दिल्ली में अजय माकन के सामने रो कर आएं हैँ।
