जयपुर : दूसरी लहर में लगातार बढ़ते कोरोना के बीच अब सरकार के पास संसाधनों की कमी होने लगी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्सपर्ट का सहारा लेते हुए तर्क दिया है कि कोरोना की दूसरी लहर में सरकारें चाहे कितने ही संसाधन जुटा लें लेकिन ऑक्सीजन और दवाओं की कमी बनी रहेगी। राजस्थान में पिछले कई दिनों से ऑक्सीजन और रेमडेसिविर की किल्लत है।
सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि जब कोरोना की पहली वेव आई थी, तब आक्सीजन बेड, ICU और वेंटिलेटर खाली पडे़ रहे थे, लेकिन यह दूसरी लहर बेहद खतरनाक है, जिसमें अधिकांश लोगों को ऑक्सीजन, ICU और वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ रही है।
कृपया ध्यान दें।
——————जब कोरोना की पहली वेव आई थी, तब आक्सीजन बेड, ICU और वेंटिलेटर खाली पडे़ रहे थे, लेकिन यह दूसरी लहर बेहद खतरनाक है, जिसमें अधिकांश लोगों को ऑक्सीजन, ICU और वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ रही है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) May 4, 2021
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एवं विश्वस्तर पर अन्तराष्ट्रीय विशेषज्ञ कह रहे हैं कि सरकारें कितनी ही सुविधाएं बढ़ा लें, कोरोना की रफ्तार चार गुना है। मरीजों के लिए ऑक्सीजन एवं दवाईयों की कमी बनी रहेगी।हम संक्रमितों की चैन तोड़ने के लिए पूरी ताकत झोंक कर एवं आमजन के कोरोना प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना करने से ही सम्भव होगा जिससे अविलम्ब संख्या में ब्रेक लगेगा अन्यथा स्थिति और भयावह बन सकती है।
हम संक्रमितों की चैन तोड़ने के लिए पूरी ताकत झोंक कर एवं आमजन के कोरोना प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना करने से ही सम्भव होगा जिससे अविलम्ब संख्या में ब्रेक लगेगा अन्यथा स्थिति और भयावह बन सकती है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) May 4, 2021
