अलवर : राजस्थान के अलवर में एक 20 साल की युवती ने खुद को तेंदुए द्वारा उठा ले जाने की झूठी कहानी इसलिए गढ़ दी, क्योंकि वह पढ़ना चाहती थी। युवती के मुताबिक उसके घर वाले पढ़ाई छुड़वाकर उससे घर का काम करवा रहे थे। दो दिन पहले अलवर के बस स्टैंड से मिली युवती ने पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया है। बीते बुधवार को अलवर के हमीरपुर के पास मालियों की ढाणी में शौच करने गई युवती अचानक गायब हो गई थी, उसकी छोटी बहन ने परिवार को बताया था कि युवती को तेंदुआ उठाकर ले गया है।
एक साल पहले घरवालों ने पढ़ाई छुड़ा दी
पुलिस पूछताछ में युवती ने चौंकाने वाले खुलासे किये और बताया कि हम चार बहनें हैं। मैं सबसे बड़ी हूं। दो भाई हैं। तीनों बहन पढ़ती हैं। मैं भी 10वीं तक पढ़ चुकी हूं। एक साल पहले ही घरवालों ने पढ़ाई छुड़ा दी थी। मुझसे घरवाले सिर्फ घर का काम कराते थे, जबकि दूसरी बहनें घर का काम भी कम करती थीं और पढ़ाई भी करती थीं। मैं आगे पढ़ना चाहती हूं। घर के कामों से परेशान होकर मैं बाहर निकल गई थी। बीते बुधवार मैं सुबह घर से निकलकर मेन रोड की तरफ आ गई। यहां किसी से लिफ्ट लेकर बानसूर पहुंची। वहां से खैरथल, रेवाड़ी होते हुए अलवर आ गई। दो दिन तक सफर करती रही। रात को अलवर बस स्टैंड पर रुकी। दो दिन बाद मुझे लगा कि परिवार वाले परेशान होंगे, इसलिए अलवर के बस स्टैंड के पास आ गई। वहां पुलिस मिल गई।
पिता ने कहा बेटी पढ़ना चाहती है तो उसको पढ़ाया जाएगा
युवती के पिता का कहना है कि बेटी के घर आने पर सबको राहत मिली है। वो पढ़ना चाहती है तो उसको पढ़ाया जाएगा। यदि कोई और परेशानी है तो उससे बात करेंगे। बेटी ने भी पुलिस को यही बयान दिया है कि वह अपनी मर्जी से गई थी। किसी के साथ नहीं गई। अब वापस अपने घर जाना चाहती है। इसके बाद उसे पुलिस ने घर भेजा था।
2020 में ही युवती दसवीं कक्षा में पास हुई है, लेकिन अगली कक्षा में परिवार के लोगों ने एडमिशन नहीं कराया, जिससे वह नाराज थी। वह गांव में राउमाव हमीरपुर के स्कूल में पढ़ती थी। उसकी तीन छोटी बहने भी गांव के सरकारी स्कूल में ही जाती है। परिवार गरीब है और लड़की पढ़ाई में बहुत सामान्य है, इसलिए अगली कक्षा में एडमिशन नहीं कराया गया।
ड्रोन कैमरे व डॉग स्क्वॉड से जंगल में ढूंढ़ा
14 सितंबर को युवती शौच के समय घर से निकली थी। छोटी बहन के बयान के आधार पर दिन भर युवती को आसपास के करीब 3 किलोमीटर के जंगल में तलाशा गया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला था। पुलिस ने ड्रोन कैमरे से भी तलाशा। फिर डॉग स्क्वॉड से पड़ताल की गई। गांव के भी करीब 50 लोगों ने जंगल में तलाश की थी। अगले दो दिन तक भी ग्रामीणों की निगाह जंगल की तरफ थी, लेकिन युवती को जंगली जानवर के ले जाने जैसे कोई सुराग नहीं मिले थे।

