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कांग्रेस हाईकमान ने CM कैप्टन से इस्तीफा मांगा, कुर्सी से हटाए जाने पर अमरिंदर की पार्टी छोड़ने की धमकी

पंजाब File Photo

चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कुर्सी खतरे में पड़ती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान ने कैप्टन से इस्तीफा मांग लिया है। इसके अलावा शाम को होने वाली विधायक दल की बैठक में नया नेता चुनने का आदेश दिया है। इसका पता चलते ही अब कैप्टन ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ व सांसद मनीष तिवारी से बात की। सूत्रों की मानें तो कैप्टन ने आज ही पूरी कलह खत्म करने को कहा है। कैप्टन ने यह भी धमकी दी है कि अगर उन्हें CM पद से हटाया गया तो वो पार्टी भी छोड़ देंगे। उन्होंने यह संदेश पार्टी हाईकमान तक पहुंचाने के लिए कहा है। इससे पहले सिद्धू के रणनीतिक सलाहकार मुहम्मद मुस्तफा ने साढ़े 4 साल बाद कांग्रेसी CM चुनने के मौके का बड़ा बयान दिया है।

कैप्टन ने बुलाए करीबी विधायक

अब बड़ा सवाल यह हो गया है कि सम्मानजनक विदाई के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह इस्तीफा देंगे या फिर विधायक दल की बैठक में ही अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेंगे। कैप्टन ने करीब 2 बजे अपने खेमे की बैठक बुलाई है और विधायकों को वहां आने को कहा है। हालांकि उनके खेमे के विधायक उनसे किनारा करने लगे हैं। कैप्टन के करीबी राजकुमार वेरका ने कहा कि वो शाम को CLP की बैठक में ही जाएंगे।

अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी

इससे पहले कैप्टन से नाखुश 40 विधायकों की चिट्ठी के बाद कांग्रेस हाईकमान ने बड़ा फैसला लिया। हाईकमान ने आज शाम 5 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में विधायक दल की बैठक बुला ली। पहले पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। जिसके बाद रावत ने शुक्रवार आधी रात को सोशल मीडिया पर विधायक दल की मीटिंग के बारे में जानकारी दी है। इस मीटिंग में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर अजय माकन और हरीश चौधरी भी मौजूद रहेंगे और पूरी रिपोर्ट तैयार कर हाईकमान को भेजेंगे।

अगले साल चुनाव हैं, इसलिए विवाद खत्म करने की कोशिश

नवजोत सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने के बाद से ही कांग्रेस में खींचतान बढ़ गई थी। खासतौर से कैप्टन के विरोधी गुट ने दूसरी बार मोर्चा खोल दिया है, जबकि अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस चाहेगी कि जल्द से जल्द इस मामले को सुलझा लिया जाए। हालांकि कैप्टन के खिलाफ बगावत का हर दांव अभी तक फेल रहा है। ऐसे में अब सिद्धू खेमा पूरा जोर लगाएगा कि आज की बैठक में ही कैप्टन को कुर्सी से हटाने का फैसला हो जाए।

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