लक्ष्मणगढ़ : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का पीछा ही नहीं छोड़ रहे विवाद। आरएएस परीक्षा भर्ती में रिश्तेदारों को साक्षात्कार में मिले 80-80 अंकों का विवाद अभी ठंडा ही नहीं पड़ा। इस बीच नगर पालिका लक्ष्मणगढ़ में मनोनीत पार्षदों का नया विवाद उठ खड़ा हुआ।
स्वायत्त शासन विभाग ने हाल ही में लक्ष्मणगढ़ नगरपालिका के लिए जिन छह सहवृत सदस्यों का मनोनयन किया है। उनमें से एक पार्षद पर दिव्यांग नहीं होने के साथ-साथ अधिक संतान होने का भी आरोप है तो दूसरे पार्षद पर भी दो से अधिक संतान होने का आरोप भाजपा की ओर से लगाया गया है। भाजपा ने इन मनोनीत पार्षदों की लक्ष्मणगढ़ एसडीएम को शिकायत दी है उसमें कहा गया है कि मनोनीत पार्षद असलम पुत्र शेरूद्दीन तथा हाफिज मोहम्मद के 1995 के बाद में तीन संतानें है। लिहाजा यह दोनों ही पार्षद पद के योग्य नहीं है। असलम को दिव्यांग कोटे से पार्षद मनोनीत किया गया है जबकि वह दिव्यांग ही नहीं है।
लक्ष्मणगढ़ एसडीएम डॉ. कुलराज मीणा ने बताया पार्षदों को लेकर शिकायतें मिली है। उसकी जांच के आदेश दे दिए गए है। जांच रिपोर्ट आने के बाद में कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि दिसम्बर 2020 में हुए पंचायत चुनाव में भाजपा के निर्वाचित सदस्य को तीसरी संतान के चलते अयोग्य घोषित किया गया था, वर्तमान पालिकाध्यक्ष मुस्तफा कुरैशी पर भी दो से अधिक संतान होने के आरोप भाजपा ने लगाए थे। लेकिन प्रशासन ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया।
