हनुमानगढ़। राज्य सरकार के निर्देशानुसार शुद्ध के लिये युद्ध अभियान के तहत बुधवार को भी जिले में खाद्य सामग्री बनाने व बेचान करने वाले संस्थानों पर निरीक्षण की कार्यवाही की गई एवं चार सैम्पल भरे गए। एडीएम कोर्ट ने दो पुराने प्रकरणों में खाद्य सामग्री अवमानक पाए जाने पर 35 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिला कलक्टर नथमल डिडेल के निर्देशन में बुधवार को हनुमानगढ़ टाउन में खाद्य सामग्री का निर्माण एवं विक्रय करने वाले संस्थानों पर निरीक्षण की कार्यवाही की गई।
निरीक्षण दल में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी जीतसिंह यादव, डेयरी से सीनियर टैक्नीशियन दिलीप सिंह ने खाद्य सामग्री को बनाने एवं बेचान करने वाले संस्थानों की जांच की एवं सैम्पल एकत्र किए। डॉ. शर्मा ने बताया कि बुधवार को मै. लालजी जोधपुर स्वीट्स से रसगुल्ला मिठाई का नमूना संग्रहित कर लिया गया। गोदाम में निरीक्षण करने पर दो पीपों में रखे 30 किलो रसगुल्ले, 10 किलो गुलाबजामुन मिठाई, 2 किलो जलेबी व 4 किलो रसभरी मिठाई, जो दूषित लग रही थी, को भी मौके पर नष्ट करवाई गई। इसके अलावा, मै. सरावगी फूड प्रोडक्ट्स से सेठजी ब्राण्ड का पापड़ का नमूना संग्रहित कर लैब भिजवाया गया। सैम्पल को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भिजवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में अगर कहीं पर मिलावटी खाद्य पदार्थ तैयार अथवा बेचान किया जाता है, तो उसकी सूचना मोबाइल नम्बर 75972-22000 अथवा व्हाट्सएप्प पर दी जाए।
35 हजार लगाया जुर्माना
डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि आज एडीएम कोर्ट में दाखिल किए गए दो पुराने प्रकरण में आरोपियों पर जुर्माना लगाया गया। उन्होंने बताया कि दूध विक्रेता युसूफ खां पर 5 हजार रुपए तथा जण्डांवाली के मै. सुखद मिल्क पैकेजिंग प्लाण्ट पर टोन मिल्क के नमूने अवमानक पाए जाने पर 30 हजार का जुर्माना लगाया गया।
