जयपुर: राज्यसभा सांसद डॉ. किरोडी लाल मीणा शनिवार को एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचे। 4 फरवरी को डीडवाना (नागौर) में दलित महिला के साथ हुए गैंग रेप के बाद उसकी मौत हो गई। डॉ. मीणा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। महिला के परिजनों का कहना है कि 4 फरवरी को महिला घर से गायब हुई थी जिसकी सूचना डीड़वाना थाना में पुलिस को दी गई पर पुलिस ने आनाकानी कर मामले पर गौर नहीं किया। इस लापरवाही के कारण महिला के साथ दरिंदगी हुई। दरिंदों ने उसके शरीर को नोच डाला ओर उसे घायल अवस्था में बलात्कार करके फेंक दिया। परिजनों ने थाने में दूसरी बार 9 फरवरी को शिकायत की। तब नागौर एसपी के दखल के बाद पुलिस हरकत में आई। 10 फरवरी को महिला जब बेहोश हालत में मिली तब तक उसके शरीर में कीड़े पड़ चुके थे। अत: उसे डीडवाना से जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में रेफर किया गया। जयपुर में ही 17 तारीख को उसकी मृत्यु हो गई। उस महिला का मृत शरीर 2 दिन से एसएमएस हॉस्पिटल में है और उनके परिजन धरने पर बैठे हैं।
शनिवार को डॉ. किरोड़ी लाल मीणा परिजनों के साथ शहीद स्मारक धरने पर बैठे। डॉ. मीणा की मांग है कि परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही इस मामले में लिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। राजनीतिक प्रभावशाली जो लोग इसमें लिप्त हैं उनको गिरफ्तार किया जाए। डॉ. मीणा ने कहा है कि डीडवाना पंचायत समिति में कांग्रेस सदस्य आईदानाराम का राजनैतिक संरक्षण अपराधियों को प्राप्त है। जब तक सरकार मांगें नहीं मानेगी और दोषियों को नहीं पकड़ेगी तब तक वे परिवार के साथ सांकेतिक धरने पर बैठे रहेंगे में अभी पीड़ित दलित परिजनों के साथ SMS की मोर्चरी में सांकेतिक धरने पर बैठा हूं ।
