बीकानेर : एक महिला शनिवार सुबह बीकानेर से अपनी मां को दवाई देने के लिए नोहर जा रही थी। कार चलाते वक़्त युवती को बीच रास्ते याद आया कि दवाएं कार में रखना भूल गई। वाे वापस मुड़ी ताकि दवाएं ला सके। तभी बामनवाली के पास पहुंची ही थी कि पीछे से आ रहे बाइक सवार ने बताया कि उनकी कार में आग लगी हुई है। पहले तो कुछ समझ नहीं आया लेकिन बाद में बहुत सावधानी से कार को सड़क किनारे खड़ा किया और दूर भागी। देखते ही देखते उसके सामने कार राख हो गई।
बीकानेर की कांता खतूरिया कॉलोनी में रहने वाली गगनदीप कौर यह कार चला रही थी। उसने पुलिस को बताया कि किसी बाइक सवार की मदद से ही वो अपनी जान बचा सकी। अगर थोड़ा बहुत घबरा जाती तो कार में वो स्वयं दुर्घटना (Bikaner Car Accident) का शिकार हो सकती थी। लूणकरनसर पुलिस (Lunkaransar Police) के रामलाल ने बताया कि महिला ने काफी सूझबूझ के साथ कार को किनारे खड़ा कर दिया। वो अपने पीहर जा रही थी, लेकिन बीच रास्ते यह हादसा हो गया। घटना के बाद उधर से गुजर रहे सेना के जवानों ने अपनी जिप्सी रोकी और महिला की मदद की। उसे अपनी जिप्सी से बीकानेर पहुंचाया। इस महिला का मोबाइल हड़बड़ी में कार में ही रह गया, जो कार के साथ ही जल गया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इस कार में लगी आग को बुझाया।
महीने भर पहले भी लगी थी कार में आग
करीब एक महीने पहले खाजूवाला क्षेत्र में भी एक कार में आग (Bikaner Car Accident) लग गई थी। तब भुट्टा चौराहा निवासी दो युवक कार में सवार थे। उन्हें भी बाइक सवार ने बताया था कि कार में आग लगी हुई है। तब उस कार के ब्रेक भी फेल हो गए। रेत के धोरों पर गाड़ी को चढ़ाकर उसे रोका और बाहर निकलकर जान बचाई थी।
