सीकर : कहते है कि व्यक्ति अगर ठान ले तो किसी भी चुनौती का मुकाबला कर सकता हैं। कुछ ऐसा ही रामगढ़ शेखावाटी के पास नेठवा गांव निवासी अभिषेक सिहाग ने किया। दोस्त से शर्त लगी तो वह अपनी ही धुन में इसे पूरा करने में जुट गया। सिहाग का दोस्त था ट्रेनर उसी के चैलेज पर खुद से कमिटमेंंट कर न केवल प्लैंक एक्सरसाइज में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, बल्कि रिकॉर्ड बनाते ही यह एक्सरसाइज छोड़ भी दी। रेगुलर जिम जाने के बाद भी सिर्फ प्लैंक को ही अवोइड करने वाले अभिषेक का कहना है कि चैलेंज पर अपनी अपर लिमिट व कमिटमेंट टेस्ट करने के लिए ही उसने पिछले साल जनवरी में 8 घंटे 5 मिनट प्लैंक कर गोल्डन बुक ऑफ अमेरिका, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड व लिम्का बुक में नाम दर्ज कराया था।
जो 30 सैंकेंड में ढेर हो गया उस बंदे ने स्वीकारी चुनौती
अभिषेक सिहाग ने पहली बार प्लैंक एक्सरसाइज शहर के एक जिम में अपने फ्रेंड्स को देखकर की थी। पहली बार महज 30 सैकंड ही यह एक्सरसाइज कर पाने पर वह बाकी फ्रेंड्स से पहले ही उठ गया। इसके बाद उसने अपने ट्रेनर हितेश बेनीवाल के 12 मिनट प्लैंक का रिकॉर्ड तोडऩे की ठानी और एक महीने में उसे कंपलीट किया।
यूं बना वर्ल्ड रिकॉर्ड
बकौल अभिषेक यूट्यूब पर एक दिन प्लैंक का 8 घंटे के रिकॉर्ड का वीडियो देखा तो ट्रेनर से उस रिकॉर्ड को तोडऩे की बात कही। इस पर ट्रेनर फ्रेंड ने पहले तो इसे मजाक में लिया। बाद में बातों ही बातों में उसका चैलेंज दे दिया। जिसे पूरा करने के लिए अभिषेक दिन-रात जुट गया। उसी ट्रेनर की मदद से अभिषेक ने चार महीने प्रेक्टिस की और आखिरकार जनवरी 2019 में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम कर लिया। अभिषेक का मानना है कि कमीटमेंट के साथ आगे बढऩे वाला शख्स किसी भी फील्ड में नहीं अटकता।
अब दे रहे फ्री ट्रेनिंग
अभिषेक का कहना है कि जब तक हम दिमाग में हारते रहेंगे तो जितनी चाहे मेहनत कर ले, लेकिन जीत नहीं पाएंगे। क्योंकि सफलता सिर्फ मेहनत से नहीं बल्कि माइंडसेट से मिलती है। सलेक्शन कॉम्पिटिशन की वजह से नहीं बल्कि माइंडसेट की वजह से रूका हुआ है। स्टूडेंट्स इस ट्रेनिंग को losersmindset.com पर जाकर फ्री में जॉइन कर सकते हैं।
