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छबड़ा थर्मल प्लांट में ऐश हैंडलिंग प्लांट का स्ट्रक्चर गिरने से हुआ बड़ा हादसा, 4 मजदूर दब कर झुलसे

A major accident occurred due to the collapse of the structure of the ash handling plant in Chhabra Thermal Plant, 4 workers were buried and scorched | छबड़ा थर्मल प्लांट में ऐश हैंडलिंग प्लांट का स्ट्रक्चर गिरने से हुआ बड़ा हादसा, 4 मजदूर दब कर झुलसे

बारां : छबडा में मोतीपुरा थर्मल पावर प्लांट में देर रात बड़ा हादसा हो गया। वहां काम कर रहे 4 मजदूर दब कर झुलस गए। हादसे से प्लांट में अफरा तफरी मच गई। आनन फानन में अधिकारी मौके पर पहुंचे। तीन मजदूरों को बाहर निकाला गया है। यूनिट 4 (250 मेगावाट) की में ऐश हैंडलिंग प्लांट (राख ईएसपी) का स्ट्रक्चर (होपर) भरभरा कर गिर गया। सभी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। एक मजदूर अभी भी राख के ढेर में दबा हुआ बताया जा रहा है, जिसे निकालने के लिए पिछले 8 घंटे से रेस्क्यू अभियान जारी है।

थर्मल पावर प्लांट के चीफ इंजीनियर अजय सक्सेना ने बताया कि घटना रात 1 बजे के आसपास हुई है। ईएसपी का स्ट्रक्चर (ढांचा) अचानक गिर गया। जिसके चलते वहां काम कर रहे 4 मजदूर दब गए। इनमें से वीरेंद्र धाकड़, दिनेश धाकड़ व प्रीतम मालव को बाहर निकाला गया। इलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया है। एक मजदूर दिनेश मेहता के दबे होने की संभावना है। रेस्क्यू अभियान जारी है।

क्या है ऐश हैंडलिंग प्लांट

ऐश हैंडलिंग प्लांट (ईएसपी) स्ट्रक्चर में करीब 14 होपर होते है। इनमें से गर्म राख निकलती है। यहां से राख को पानी के पम्प के प्रेशर से पाइप लाइन के जरिए बाहर निकाला जाता है। फिलहाल हादसे के कारण अभी तक सामने नहीं आए हैं। बताया जा रहा है कि बिजली के उत्पादन के चलते पावर प्लांट पर दवाब था। ईएसपी प्लांट में राख भरी जाती है। इसकी सफाई नहीं हुई थी। अधिक भराव की वजह से ईएसपी प्लांट बैठ गया और हादसा हो गया।

राजस्थान विद्युत उत्पादन कर्मचारी संघ कोटा थर्मल इकाई के अध्यक्ष राम सिंह शेखावत ने बताया कि ये घटिया निर्माण कार्य के दौरान हुई है। प्रशासन को सारे प्लांट की जांच करनी चाहिए। कोटा थर्मल प्लांट में ऐश हैंडलिंग में कभी ऐसा हादसा नहीं हुआ। जबकि कोटा थर्मल को बने 35 साल हो गए। छबड़ा थर्मल प्लांट को लगे 10-12 साल ही हुए है।

 

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