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केन्द्रीय मंत्री बने अश्विन वैष्णव मारवाड़ के लाड़ले सपूत

केन्द्रीय मंत्री बने अश्विन वैष्णव मारवाड़ के लाड़ले सपूत

जोधपुर: मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में राजस्थान का भी गौरव बढ़ा। जोधपुर से गजेंद्र सिंह शेखावत के बाद एक और व्यक्ति को केन्द्र में मंत्री बनाया गया है। पाली जिले के बाली विधानसभा के जीवंत कला गांव के मूल निवासी और जोधपुर से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने वाले अश्विन वैष्णव आज केन्द्र में मंत्री बनाए गए है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पसन्दीदा आईएएस अधिकारियों में शुमार वैष्णव शुरू से ही वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नजरों में चढ़े हुए थे। यहीं कारण है कि दो वर्ष पूर्व मोदी ने उन्हें उड़ीसा से राज्यसभा में भेजा और अब उन्हें अपनी कैबिनेट में शामिल किया। जोधपुर के सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत पहले से केन्द्र में जल शक्ति मंत्री है। वैष्णव के रूप में जोधपुर को दूसरा केन्द्रीय मंत्री मिल गया।

वैष्णव के रातानाडा स्थित घर पर खुशी का माहौल है। उनके माता-पिता व भाई-भाभी बेहद प्रसन्न नजर आ रहे है। उनके पिता दाऊलाल ने कहा कि यह सब उसकी मेहनत के साथ ही ईश्वर व बुजुर्गों के आशीर्वाद का फल है। उन्होंने कहा कि अश्विन को जो भी जिम्मेदारी मिलती है उसे वह सौ फीसदी मेहनत के साथ पूरा करने का प्रयास करता है। प्रकृति का नियम है कि बदलाव होता ही है। इसी तरह वह प्रशासनिक सेवा से लेकर राजनीतिक क्षेत्र में आता है तो उसका उद्देश्य यही होता है कि देश की सेवा कर सके। हम लोग मध्यमवर्ग से है। हमारी लालसा पैसा कमाने की कभी नहीं रही। देश के लिए कुछ करने का जज्बा हमेशा से रहा है। अश्विन वैष्णव के भाई आनंद ने कहा कि मेरे भाई ने हमेशा से अपना सौ फीसदी कमिटमेंट पूरा किया है और इस बार भी भी वे देश के लोगों की अपेक्षाओं पर एकदम खरे उतरेंगे।

IIT कानपुर से IAS फिर मंत्री तक का सफर

जोधपुर से अश्विन वैष्णव ने अपनी स्कूली शिक्षा महेश स्कूल से पूरी की। उसके बाद उन्होंने IIT कानपुर से बीटेक किया। वर्ष 1994 में वे आईएएस बने। उनकी कार्य कुशलता ने वाजपेयी को प्रभावित किया और वे उन्हें अपने पीएमओ में ले आए। इस दौरान वैष्णव का संपर्क नरेन्द्र मोदी से हुआ। वर्ष 2004 में वाजपेयी सरकार की हार के बाद वैष्णव ने आईएएस की नौकरी छोड़ दी। कुछ समय तक पोर्ट ट्रस्ट से जुड़े रहे और बाद में अमेरिका चले गए। अमेरिका में भी उनका मन नहीं लगा और वे भारत लौट आए। इसके बाद वे उड़ीसा सरकार के डिजास्टर मैनजमेंट सलाहकार बने। अश्विन वैष्णव के दो लड़के है और दोनों लंदन में पढाई कर रहे है।

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