लखनऊ :अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या को लेकर सुरक्षा एजेंसिया सतर्क हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश में कई रोहिंग्या पकड़े गए हैं। यूपी एटीएस ने गाजियाबाद से रोहिंग्या नागरिक आमिर हुसैन और नूर आलम को गिरफ्तार किया।दोनों को लखनऊ में 5 दिन की रिमांड पर लाया गया। इस दौरान पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। पूछताछ के दौरान पता चला है कि देश में आमिर हुसैन नामक वेंडर है जो अवैध तरीके से रोहिंग्या नागरिकों को भारत में एंट्री कराता है। वेंडर दिल्ली के खजूरी खास से ऑपरेट करता है।
रोहिंग्या और बांग्लादेशी यूपी में बना रहे ठिकाना
ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के मुताबिक, रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को यूपी में ठिकाना बनाने के लिए प्रेरित किया गया है। विधानसभा चुनाव से पहले इन सभी को राशन कार्ड और पैन कार्ड बनवा कर उनकी स्थाई सदस्यता भी दिलवाई जाती है। जिससे यूपी में चुनाव में इनकी भागीदारी रहती है और एक बड़ा वोट बैंक भी तैयार होता है, जिसके लिए इनको अच्छी खासी रकम भी दी जाती है।
प्रशांत कुमार ने बताया कि रोहिंग्या इस समय हर विधानसभा क्षेत्र में रह रहे हैं, लेकिन इनकी पहचान कर पाना इस वजह से मुश्किल होता है क्योंकि इनके पास आधार कार्ड और वोटर कार्ड अन्य राशन संबंधी कार्ड मौजूद रहते हैं।
31 जनवरी 2019 में CAA के विरोध में देशभर में प्रदर्शन और हिंसा हुई, जिसमें रोहिंग्या की भूमिका सामने आई थी। कानपुर में हिंसा भड़काने के आरोप में पीएफआई सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, जिसमें
मोहम्मद उमर सैयद, अब्दुल हाशमी, फैजान मुमताज, मोहम्मद वासिम और सरवर आलम आदि रोहिंग्याओं के पीएफआई के संपर्क में होने का दावा किया गया।
