लखनऊ। बेरोजगार कंप्यूटर शिक्षकों ने तीन दिन की जद्दोजहद के बाद आज आखिर प्रियंका गांधी से मुलाकात करने में सफलता हासिल कर ही ली। प्रियंका गांधी से तीन सदस्य प्रतिनिधि मंडल मिला। प्रियंका से यह मुलाकात कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव जुबेर खान और धीरज गुर्जर ने मध्यस्थता कर करवाई। प्रियंका ने इन शिक्षको को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने को कहा है। बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव ने इस मुलाकात की ट्वीट कर जानकारी दी और बताया कि वे कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती के मामले में शीघ्र ही जयपुर जाकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी मिलेंगे।
कंप्यूटर शिक्षकों की स्थायी भर्ती की मांग पर अड़े ये बेरोजगार शिक्षक पहले दिल्ली में AICC के बाहर धरना देकर बैठे थे। शुक्रवार को यह अचानक प्रियंका गांधी के तीन दिवसीय लखनऊ दौरे को देखते हुए वहा पहुँच गए। प्रियंका गांधी से मिलने की जिद्द कर रहे इन कंप्यूटर शिक्षकों की शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं से झडप भी हो गई थी। जिसमे दो तीन शिक्षक चोटिल भी हुए थे। इन कंप्यूटर शिक्षकों ने लखनऊ में धरने के साथ घायल कंप्यूटर शिक्षक की फ़ोटो के साथ ट्वीटर अभियान छेड़ दिया। जो शनिवार को दिनभर ट्रेंड होता रहा।
राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती@priyankagandhi जी से कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव माननीय @dgurjarofficial जी एवं जुबेर खान जी ने हमारी मांगों को लेकर 3 सदस्य प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात करवा दी है
और जल्द ही माननीय @ashokgehlot51
जी से हमारे प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात होगी@RajCMO @AICCMedia— Upen Yadav (@TheUpenYadav) July 18, 2021
प्रियंका गांधी के वहाँ राजस्थान सरकार की छवि को बिगड़ते देख आखिर कर कल शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने इन्हें वार्ता का न्योता भेजा। ये वार्ता भी होनी प्रस्तावित है। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पहली बार कंप्यूटर अनुदेशक की भर्ती हो रही है। रोजगार देने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। सभी से अपील है कि भ्रमित नही हो। शंकाओं का समाधान वार्ता के जरिए निकाला जाएगा।
इसके जवाब में बेराेजगार एकीकृत के प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव ने साेशल मीडिया पर लिखा कि यदि सही समय पर वार्ता हाे जाती ताे हमें यूपी नहीं जाना पड़ता। उत्तर प्रदेश के कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मार नहीं खानी पड़ती। हम साेमवार काे वार्ता करेंगे स्थान बता देना। आपको बता दे ये शिक्षक प्रियंका गांधी ने यूपी में स्थाई भर्ती की जो मांग उठाई थी उसे ये मुद्दा बनाए हुए थे।
