पुणे: BJP के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने सोमवार को दावा किया है कि कोल्हापुर जाते समय पुलिस ने उन्हें महाराष्ट्र के सातारा जिले के कराड में ही रोक दिया गया। BJP के पूर्व सांसद किरीट सोमैया को सतारा जिले के कराड रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिया गया है। एक दिन पहले रविवार को भी सोमैया ने दावा किया था कि महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुशरिफ पर उनके द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें कोल्हापुर जाने से रोका।
कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक शैलेश बलकावड़े ने बताया कि जिला पुलिस की एक टीम कराड पहुंची और सोमैया को कराड रेलवे स्टेशन पर रोका गया और (धारा-144) आदेश की एक प्रति दी गई। अधिकारी ने कहा, ‘जब हमने उन्हें बताया कि उन्हें जिले में प्रवेश करने से मना किया गया है, तो उन्होंने सहयोग किया और अब वह कराड में एक संवाददाता सम्मेलन करने के बाद वापस लौटेंगे।’ किरीट सोमैया ने ग्रामीण विकास मंत्री एवं कोल्हापुर जिले के कागल से विधायक मुशरिफ पर भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने और रिश्तेदारों के नाम पर ‘बेनामी’ संपत्ति रखने का 13 सितंबर को आरोप लगाया था। मुशरिफ ने सभी आरोपों को खारिज किया है।
सोमैया ने ठाकरे सरकार की ‘दादागीरी’ बताया
BJP के पूर्व सांसद सोमैया का सोमवार को पश्चिमी महाराष्ट्र के इस जिले में जाने का कार्यक्रम था। उन्होंने कोल्हापुर के जिलाधिकारी राहुल रेखवार की ओर से जारी 19 सितंबर का एक आदेश दिखाया, जिसमें कहा गया है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत ‘उनकी (सोमैया की) जान को खतरा व उनके दौरे के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बिगड़ने आशंका को देखते हुए’ जिले में उनके प्रवेश पर रोक लगाई गई है। मुंबई के नवघर थाने के वरिष्ठ निरीक्षक सुनील कांबले ने भी सोमैया को नोटिस जारी कर उनसे कोल्हापुर प्रशासन के आदेश का पालन करने को कहा है। सोमैया का मुलंड स्थित आवास नवघर थाना क्षेत्र में आता है। BJP के पूर्व सांसद सोमैया ने ट्वीट करके इसे उद्धव ठाकरे सरकार की ‘दादागीरी’ बताया।
