जयपुर : प्रदेश में 26 सितंबर को होने जा रही REET परीक्षा में करीब 23 लाख कैंडिडेट के बैठने की उम्मीद है। इनमें करीब 1 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स तो अन्य राज्यों से परीक्षा देने आएंगे। एक ही दिन में होने वाली परीक्षा के लिए राज्य सरकार ने राजस्थान रोडवेज की बसों में फ्री यात्रा की तो घोषणा कर रखी है, लेकिन इतनी बड़ी तादाद में अभ्यर्थियों को लाने और ले जाने की व्यवस्था करवाने में राजस्थान रोडवेज और सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
मुख्य सचिव से हुई चर्चा में रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा ने बसों की व्यवस्था बेहद कम होने की बात कहते हुए निजी बसों और लोक परिवहन को इस काम में लगाने की बात भी कही है। वहीं परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी साफ कह दिया है कि REET अभ्यर्थी सिर्फ रोडवेज बसों के भरोसे नहीं रहें। जिनके पास साधन हैं वो अपने साधनों से पहुंचें, जो निजी वाहनों में आ सकें, अपनी व्यवस्था कर लें। रोडवेज के पास बसें बहुत कम हैं और परीक्षा देने वाले बहुत ज्यादा हैं।
पुलिस एसआई परीक्षा में फेल हो गई थी व्यवस्था
ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि राजस्थान पुलिस सब इंस्पेक्टर की पिछले दिनों हुई भर्ती परीक्षा में करीब 4 लाख कैंडिडेट्स से ही जब रोडवेज बसों की सांसें फूल गईं, तो 5-6 गुना ज्यादा तादाद में अभ्यर्थियों के आने-जाने की मुफ्त व्यवस्था रोडवेज कैसे कर पाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फैसला किया है कि कम्पिटिटिव एग्जाम में बैठने वाले स्टूडेंट्स के परीक्षा केन्द्रों तक आने-जाने की व्यवस्था राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में फ्री रहेगी। ऐसे कैंडिडेट को अपना एडमिट कार्ड बस कंडक्टर को दिखाना होगा।
सिर्फ रोडवेज़ पर डिपेंड ना रहे
REET परीक्षा की परिवहन व्यवस्था को लेकर परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा है कि हमारे पास रोडवेज की करीब 4000 बसें हैं, लेकिन बसों की संख्या बहुत कम है। छात्रों की संख्या बहुत ज्यादा है, इसलिए अभ्यर्थी सिर्फ रोडवेज पर डिपेंड नहीं रहें। छात्र जहां अपने और निजी साधनों से पहुंच सकते हैं, वहां पहुंचें। हमने रोडवेज की सारी बसें लगा दी हैं। कोशिश कर रहे हैं कि परीक्षा के आगे-पीछे दो-चार दिन रोडवेज की बसें लगातार जारी रखें।
मंत्री ने कहा कि लोक परिवहन, सभी निजी बसें लगाने की कोशिश कर रहे हैं। राजस्थान के जितने संसाधन हैं, हम उनकी कोशिश कर रहे हैं। फिर भी मैं सब से कहूंगा कि शांति व्यवस्था बनाए रखें। सरकार का सहयोग करें। कहीं पर ज्यादा प्रेशर हो, तो उस वक्त सरकार के इस जन कल्याणकारी फैसले को देखते हुए सहयोग करें। फ्री यात्रा अभ्यर्थियों के लिए सरकार का बड़ा फैसला है। मुख्यमंत्री ने छात्रों के हित में ये फैसला लिया है। सरकार की नीति और नीयत बहुत अच्छी है, लेकिन छात्रों की संख्या बहुत ज्यादा है।
रोडवेज बसों के साथ प्राइवेट बसें, टैक्सी और रेल का सहारा
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट रेग्युलर पैसेंजर्स के साथ स्टूडेंट्स के लिए राजस्थान रोडवेज की करीब 4000 बसों के संचालन की तैयारी कर रहा है। प्रदेश में सभी जगहों पर निजी बसों, टैक्सी, कैब और रेल से भी सफर करने की व्यवस्था है। इसके लिए प्रदेश के लिए सभी आरटीओ-डीटीओ को अपने क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। 23 सितंबर से कंट्रोल रूम शुरू हो जाएंगे। सभी अधिकारी अपने जिला प्रशासन, रेलवे, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के अधिकारियों, टैक्सी, सिटी बस ऑपरेटर्स, यूनियन ऑपरेटर्स से कॉर्डिनेट कर REET कैंडिडेट्स को बिना किसी परेशानी के यात्रा तय करवाएंगे।
