कोलकाता : कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल की हाई प्रोफाइल सीट भवानीपुर में 30 सितंबर को होने वाले उपचुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस फैसले को भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बता दें कि सोमवार को बीजेपी के नेता दिलीप घोष पर हमला होने के बाद से राजनीति तेज हो गई थी। भाजपा के कई नेता जहां उपचुनाव को टालने की मांग कर रहे थे तो वहीं स्वप्न दासगुप्ता ने चुनाव आयोग से मतदान केंद्र के आसपास धारा 144 लगाने की मांग की थी। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय बलों की उपस्थिति में चुनाव करवाने की मांग की थी।
मुकुल रॉय पर सात अक्टूबर तक फैसला लें विधानसभा अध्यक्ष: हाईकोर्ट
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मुकुल रॉय के खिलाफ भाजपा की अयोग्यता याचिका पर फैसला करने के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष के लिए सात अक्टूबर की समय सीमा तय की है।
चुनाव आयोग से मिला भाजपा प्रतिनिधिमंडल
उपचुनाव से पहले हुई हिंसा के मद्देनजर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को कोलकाता में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की और 30 सितंबर को उपचुनाव के दिन भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में धारा 144 लागू करने की अपील की। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल के नेताओं ने केंद्रीय बलों की उपस्थिति में चुनाव करवाने की मांग की थी। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्वप्न दासगुप्ता ने किया और इसमें शिशिर बाजोरिया और प्रताप बनर्जी भी शामिल थे।
बंगाल में कोई कानून-व्यवस्था नहीं
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने कहा कि हम आंतरिक बैठकें करेंगे और यहां भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिलने की भी कोशिश करेंगे। भवानीपुर में जो हुआ वह गलत है। दिलीप घोष पर हमले से पता चलता है कि पश्चिम बंगाल में कोई कानून-व्यवस्था नहीं है।
भवानीपुर में सीएम ममता और प्रियंका टिबरेवाल के बीच होगी टक्कर
भवानीपुर सीट पर टीएमसी से सीएम ममता बनर्जी उम्मीदवार हैं। वहीं, भाजपा ने प्रियंका टिबरेवाल को मैदान में उतारा है। सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा आमने सामने हैं। दोनों दलों के स्टार प्रचारक जनता को लुभाने के लिए ताकत झोंके हुए हैं। बंगाल में 30 सितंबर को भवानीपुर समेत तीन सीटों पर विधानसभा उपचुनाव होने हैं। इधर, राज्य निर्वाचन आयोग ने भवानीपुर में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं की भिड़ंत को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
