रेवाड़ी: दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में गुरुवार की सुबह किसान आंदोलन के बीच बड़ा हादसा हो गया। तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के टीकरी बॉर्डर पड़ाव में झज्जर-बहादुरगढ़ रोड पर बाईपास के फ्लाईओवर के नीचे पंजाब की निवासी पांच किसान आंदोलनकारी महिलाओं की डंपर ने कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में पंजाब की रहने वाली 3 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 2 बुजुर्ग महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई है। सभी महिलाएं मानसा की निवासी बताई जा रही है।
एक की हालत गंभीर होने पर उसे बहादुरगढ़ नागरिक अस्पताल से रोहतक PGIMS रैफर किया गया हैं। इस हादसे पर पंजाब के पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दुख जताया है। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार से पीड़ित परिवारों को मदद देने और घायलों के इलाज की मांग की है।
यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 6.15 बजे हुआ। यहां कुछ महिलाएं और पुरुष स्थानीय रेलवे स्टेशन जाने के लिए ऑटो रिक्शा का इंतजार कर रहे थे। उन्हें पंजाब जाना था। महिलाएं डिवाइडर पर बैठी थीं कि तेज गति से आए डंपर ने उन्हें रौंद दिया। घटना के बाद मौके पर जांच के लिए झज्जर के एसपी वसीम अकरम पहुंचे और किसानों से मामले को लेकर बात की।
इस हादसे में मरने वाली महिलाओं में 60 वर्षीय सिंदर कौर पत्नी भान सिंह, 58 वर्षीय अमरजीत कौर पत्नी हरजीत सिंह, 60 वर्षीय गुरमेल कौर पत्नी भोला सिंह शामिल है, जबकि गंभीर रूप से घायल हुई महिला 60 वर्षीय गुरमेल कौर पत्नी मेहर सिंह है। इसके अलावा हरमीत कौर को भी चोटें आई है। पंजाब के जिला मानसा के गांव खीवा दयालुवाला की निवासी ये महिलाएं झज्जर रोड फ्लाईओवर के निकट बाईपास पर रह रही थीं।


