नागौर : नागौर जिले के खींवसर थाने के एक पुलिसकर्मी का फरियादी के साथ रिश्वत के लेनदेन को लेकर बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है। वायरल हुए ऑडियो में पुलिस कॉन्स्टेबल आशाराम मीणा जमीन के मामले में पूसराम (फरियादी) से मामला दर्ज होने के बाद थाने में दी गई रिश्वत के बारे में पूछ रहा है और ये कहता भी सुनाई दे रहा है कि हेड कॉन्स्टेबल रामरतन को कितने रूपये दिए? और बाहर चाय के ढाबे वाले को कितने रुपये दिए? उसके सवालों के जवाब में फरियादी ने कहा कि मामला दर्ज करने वाले हेडकॉन्स्टेबल रामरतन ने 4 हजार लिए और बाहर चाय के ढाबे वाले को भी एक हजार दिलाये हैं। ये ऑडियो कॉन्स्टेबल आशाराम मीणा के फोन से ही सामने आया है।
अब एसपी अभिजीत सिंह ने ऑडियो वायरल करने वाले कॉन्स्टेबल आशाराम मीणा व संबंधित हेड कॉन्स्टेबल रामरतन को सस्पेंड कर दिया है। वहीं इस पूरे मामले में ऑडियो वायरल करने वाले सिपाही आशाराम मीणा का कहना है कि ऑडियो उनकी कॉल रिकॉर्डिंग में था और कार चलाने के दौरान गलती से व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर हो गया था।
रिश्वत के बंटवारे को लेकर कई दिनों से चल रही थी अनबन
मामले में सामने आया है कि हेड कॉन्स्टेबल रामरतन व कॉन्स्टेबल आशाराम के बीच कई दिनों से थाने में आने वाली रिश्वत राशि के बंटवारे को लेकर अनबन चल रही थी। हेड कॉन्स्टेबल रामरतन अक्सर मामला दर्ज कर फरियादी से रिश्वत लेता था और साथी स्टाफ को रिश्वत राशि के बारे में लेना मना कर देता था। इसके चलते कॉन्स्टेबल के हिस्से कुछ नहीं आता था।
इसको लेकर कॉन्स्टेबल आशाराम हेडकॉन्स्टेबल रामरतन से नाराज था और उसने फरियादी से हेडकॉन्स्टेबल रामरतन द्वारा ली गई रिश्वत राशि की तस्दीक करने को लेकर बात की और रिकॉर्डिंग भी कर ली। इस पूरी बातचीत में अंत में कॉन्स्टेबल आशाराम भी फरियादी से मिलने उसके घर आने की बात कह रहा है। अब वो वहां उसके घर क्यों मिलने जा रहा था, ये अभी साफ़ नहीं हो पाया है।
