जयपुर : चिकित्सा विभाग ने वैक्सीनेशन को लेकर कढ़ाई शुरू कर दी है। सभी CMHO से कहा गया है कि वे 31 जनवरी तक दूसरी डोज़ का टारगेट पूरा कर ले वरना उसके लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने इसकी शुरुआत भी कर दी है इस सिलसिले में भरतपुर के CMHO मनीष चौधरी को APO किया गया है। निदेशक आरसीएच डॉ. केएल मीना ने आदेश में कहा है कि मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री के निर्देशानुसार कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज और दूसरी डोज 31 जनवरी 2022 तक 100 फीसदी लगाई जानी है। स्टेट लेवल पर कोविड वैक्सीनेशन अभियान की प्रोग्रेस के रिव्यू में पाया गया है कि प्रदेश में 16 जनवरी तक टारगेट के मुकाबले कोविड वैक्सीन की पहली डोज 94.10 फीसदी और दूसरी डोज 77.70 फीसदी ही लग सकी है। इसलिए उन्होंने सभी CMHO को साफ निर्देश दिए हैं कि तय तारीख तक टारगेट पूरा करें। वरना CMHO के खिलाफ होने वाली कार्यवाही के लिए वो खुद जिम्मेदार होंगे।
31 जनवरी तक है डेडलाइन
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 100 फीसदी दोनों वैक्सीनेशन डोज के लिए पिछले दिनों वीडियो कान्फ्रेंस में सख्त हिदायत दी। जिसके बाद 3 जनवरी से वैक्सीनेशन ड्राइव भी तेज की गई। लेकिन अब केवल 13 दिन बचे हैं। गहलोत ने 31 जनवरी के बाद नो वैक्सीन, नो एंट्री की बात कही थी। लेकिन सूत्र बताते हैं कि इसमें कुछ बदलाव करना पड़ सकता है। सरकार चाहती है कि वैक्सीन की कम से कम पहली डोज सभी के लग जाए। ताकि दूसरी डोज भी तय टाइम पर लगाई जा सके। इससे कोविड से होने वाली मौतों की संख्या घटाने और महामारी से निपटने में बड़ी मदद मिलेगी। हालांकि वैक्सीनेशन की दोनों डोज के बीच के समय के अंतर को कम नहीं किया गया है। दूसरी डोज वैक्सीन के हिसाब से तय समय पर ही लगेगी।
डबल डोज पर ही एंट्री
14 जनवरी के बाद से शादियों और मांगलिक कामों का माहौल शुरू हो चुका है। शादियों और भीड़भाड़ वाले आयोजन को लेकर 7 जनवरी से गाइडलाइन भी लागू है। जिसमें मेहमानों की संख्या 100 से ज्यादा नहीं होने के निर्देश हैं। साथ ही कोरोना गाइडलाइन फॉलो होना चाहिए। कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले मेहमान घराती-बराती बन पाएंगे। प्रशासन शादी से लेकर हर इवेंट की निगरानी के लिए अनिवार्य तौर पर वीडियोग्राफी कराएगा। साथ ही शामिल होने वाले व्यक्तियों की अंडरटेकिंग भी देनी होगी। इसके अलावा हर सार्वजनिक कार्यक्रम यानी राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक आयोजन, रैलियां, मनोरंजन से जुड़े प्रोग्राम, धरने और प्रदर्शन में वैक्सीन की डबल डोज वालों को ही शामिल होने की अनुमति होगी। वरना कार्यक्रम आयोजक पर जुर्माना लगाया जाएगा। ऑफिस में वैक्सीनेट कर्मचारी ही काम कर सकेंगे। प्रदेश में 31 जनवरी के बाद सरकार हर जगह नो वैक्सीन, नो एंट्री का नियम लागू करेगी।

