Headlines

श्रीमाली ब्राह्मण समाज की अनूठी परम्परा: घोड़े पर बैठकर जाती है दुल्हन, दुल्हा व दुल्हे की माँ करते है स्वागत

WhatsApp Image 2022 02 18 at 16.19.12 e1645188388991

बीकानेर: बीकानेर में जहां एक तरफ पुष्करणा ब्राह्मण समाज के ओलिंपिक सावे में पूरा शहर दुल्हन की तरह सजा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ जब एक दुल्हन घोड़े पर बैठकर शहर के मुख्य स्थल से होते हुए दुल्हे के घर पहुंची तो वहां से गुजर रहे हर आगन्तुक ने इस नजारे को अपने मोबाईल में कैद किया।

WhatsApp Image 2022 02 18 at 16.19.12 1

वधु कीर्ति एवं काजल के दादा प्रसिद्ध भगवताचार्य व्यास पण्डित शिवदयाल श्रीमाली ने बताया कि विवाह के दौरान श्रीमाली ब्राह्मण समाज की यह अनूठी परम्परा सदियों से चली आ रही है। जिसे समाज के लोग आज भी निभा रहे हैं। इसके पीछे समाज का दृष्टिकोण बालक की ही भांति बालिका के प्रति भी समानता का भाव रहा है।

WhatsApp Image 2022 02 18 at 16.19.11

दुल्हन के चाचा डॉ. राजेन्द्र कुमार श्रीमाली ने बताया कि दुल्हा तो शाम को बारात लेकर आता है जबकि दुल्हन दोपहर में ही गाजे-बाजे के साथ घोड़े पर बैठकर अपने ससुराल पहुंच कर सभी बारातियों को निमंत्रण देने जाती है और दुल्हा तथा उसकी माँ दोनों घर की दहलीज पर दुल्हन का स्वागत करते हैं। विदित है कि दुल्हन कीर्ति का विवाह अमित के साथ तथा काजल का विवाह कुनाल के साथ हो रहा है। दुल्हन के पिता प्रसिद्ध उद्योगपति रविन्द्र श्रीमाली इस बात को लेकर हर्षित है कि उनकी दोनों पुत्रियों का विवाह इस ओलिंपिक में हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *