जयपुर: ओलंपियन तीरंदाज, पद्मश्री और तीरंदाजी टीम कोच रहे लिम्बाराम की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है। उन्हें लम्बे वक्त से न्यूरोसिस्टसरकोसिस नाम की दिमागी बीमारी ने जकड़ रखा है। लिम्बाराम का इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा है। राजस्थान सरकार ने उनके इलाज में मदद के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। गहलोत ने कहा है कि लिम्बाराम के बीमार होने का समाचार मिला। उनका दिल्ली में इलाज चल रहा है। इलाज में मदद के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। राजस्थान सरकार के प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर को भी लगातार दिल्ली से संपर्क में बने रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उनके स्वास्थ्य की जानकारी मिलती रहे। गहलोत ने कहा- मैं लिम्बारामके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
दिल्ली में राजस्थान सरकार की प्रिसिंपल रेजिडेंट कमिश्नर को श्री लिम्बाराम के सम्पर्क में रहकर उनकी हरसंभव मदद के लिए निर्देशित किया है। मैं लिम्बाराम जी के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) February 18, 2022
राजस्थान के ‘अर्जुन’ लिम्बाराम उदयपुर के सरादित गांव के हैं। वे भारत के पहले तीरंदाज हैं,जिन्होंने वर्ल्ड लेवल पर तीरंदाजी के क्षेत्र में कामयाबी हासिल की। लिम्बाराम तीन ओलम्पिक खेलों समेत कई इंटरनेशनल चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर मेडल दिला चुके हैं। उन्होंने 1992 में बीजिंग में हुई एशियाई तीरंदाजी चैम्पियनशिप में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर गोल्ड मेडल जीता। 1992 के बार्सिलोना ओलम्पिक में लिम्बाराम केवल 1 अंक से पदक पाने से चूक गए।1991 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किए गए। लिम्बाराम को 2012 में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।लिम्बाराम तीरंदाजी टीम के कोच भी रहे। राजस्थान टीम के चीफ कोच रहे।
