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कटारिया की जब तक विदाई नहीं, तब तक कोई ढिलाई नहीं

कटारिया

उदयपुर: भगवान राम और महाराणा प्रताप के विरूद्ध अभ्रद्र टिप्पणी करने के विरोध में मेवाड क्षत्रिय महासभा सहित सभी क्षत्रिय संगठनों और सर्व समाज द्वारा उदयपुर जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर आक्रोश प्रदर्शन किया गया। आक्रोश प्रदर्शन में हजारों की संख्या में लोग उमडे और कटारिया के ही गृह नगर में जोरदार विरोध करते हुए बहिष्कार किया गया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा नेतृत्व से कटारिया को नेता प्रतिपक्ष पद से हटाने और भाजपा से निष्कासित करने की भी मांग की।

अब सबक सिखाने का समय
इस अवसर पर जनता सेना प्रमुख प्रमुख रणधीर सिंह भींडर ने कहा कि आज 36 कौम एक जाजम पर है और खास बात यह है कि सभी क्षत्रिय भी हैं। हम महाराणा प्रताप के अपमान का घोर विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि कटारिया खुद को स्वयं-भू नेता समझते है और महापुरूषों के लिए अपशब्द बोल कर अपनी राजनीति की रोटियों सेक रहे हैं, लेकिन अब बहुत हो चुका है। अब समय सबक सिखाने का आ गया है। मेवाड क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष बालू सिंह कानावत ने कहा कि कटारिया के विरोध में समाज की जाजम पर यह संकल्प लिया है कि हम कटारिया की सार्वजनिक सभाओं का बहिष्कार करेंगे और गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में जाकर विरोध करेंगे। क्षत्रिय समाज के इस निर्णय में सर्व समाज भी शामिल है। महासभा के महामंत्री तनवीर सिंह कृष्णावत ने कहा कि कटारिया भगवान राम और महाराणा प्रताप जैसे महापुरूषों का अपमान करने वाले कटारिया को संवेधानिक पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा को कटारिया को तत्काल निष्कासित कर देना चाहिए, अन्यथा भाजपा को भारी नुकसान उठाना पडेगा।

कटारिया

सभा में अशोक सिंह मेतवाला ने कहा कि सौ करोड़ सनातनधर्मियों को गाली देकर और महापुरु षों का अपमान कर कोई कैसे सार्वजनिक जीवन में राजनीति कर सकता है। ऐसे लोगों का सार्वजनिक कार्यक्रमों में पूरी तरह से बायकाट होना चाहिए। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल ंिसंह मकराणा ने कहा कि कटारिया के पास कोई परमिट नहीं है कि वह हमारे महापुरुषों के लिए कुछ भी बोल दे। इसका जवाब देने के लिए अब 36 कौम तैयार है। यदि प्रशासन नहीं चेता और कटारिया के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की गई तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप दिया जाएगा। भविष्य में प्रदेश स्तरीय बंद जैसा आंदोलन चलाया जाएगा। देहात कांग्रेस अध्यक्ष लाल सिंह झाला ने कहा कि अब 36 कौम राजनीति से हटकर कुछ अलग सोचेगी। क्षत्रिय जागृति मंच के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नरूका ने ऐलान किया कि कटारिया के विरूद्ध स्वाभिमान की लड़ाई को अन्य राज्यों में भी लड़ा जाएगा। कटारिया को भाजपा नेतृत्व ने पार्टी निष्कासिंत नहीं किया तो यह भाजपा के लिए भी बड़ा नुकसानदायक होगा।

कटारिया

करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष भंवर सिंह सलाडी, समानता मंच के कमलेंद्र अमरतिया, नाथद्वारा के भाजपा नेता लक्ष्मण सिंह झाला, ब्राह्मण समाज नेता मांगीलाल जोशी, केके शर्मा ने भी संबोधित करते हुए कटारिया केा भाजपा से निष्कासित करने की मांग की। साथ ही कहा कि जब तक कटारिया का भाजपा से निष्कासन नहीं होता तब तक गांव गांव ढाणी ढाणी बहिष्कार किया जाएगा। सभा के बाद क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर चेतन देवडा और एसपी डॉ. राजीव पचार से भेंटकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि महापुरूषों का अपमान करने वाले कटारिया के विरूद्ध तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। आगामी 10 दिनों में कार्यवाहीं नहीं होने पर निकट समय में प्रदेश बंद के आव्हान जैसी कार्यवाही की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। दूसरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत और प्रदेश के संघ प्रमुख के नाम भी ज्ञापन प्रेषित किए गए। आक्रोश प्रदर्शन में सभी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कलेक्टर कार्यालय के बाहर तीन घंटे से भी अधिक समय तक आक्रोश प्रदर्शन किया गया।

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प्रदर्शन को इन संगठनो का रहा समर्थन
मेवाड क्षत्रिय महासभा, करणी सेना, राजपूताना संघ, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा, महाकाली सेना, सकल राजपूत महासभा, वागड क्षत्रिय महासभा, जौहर स्मृति संस्थान, मेवाड करणी सेना विप्र फाउंडेशन, धनगड गाडरी समाज, पटेल समाज, तेली साहू समाज, माली समाज, कांग्रेस, युथ कांग्रेस, जनता सेना, गुजरात क्षत्रिय महासभा, ओबीसी समानता मंच आदि संगठनों का समर्थन रहा।

गौहत्या का मामला उठा
प्रदर्शन के दौरान नगर निगम की लापरवाही से गौ हत्या का मामला भी उठा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कटारिया खुद को भाजपा और आरएसएस का सच्चा सिपाही और गो भक्त बताते हैं, लेकिन अपने ही बोर्ड के कार्यकाल में लापरवाही पूर्वक गो माता को मौत के मुंह में धकेला गया। नगर निगम की लापरवाही से गायों की मौत के मामले में कटारिया द्वारा बोर्ड का बचाव किया गया, जो भी पूरी तरह से गलत है।

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