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कोरोना लॉकडाउन में तंगी ने बनाया लुटेरा, हवाला कारोबारी से लुटे 25 लाख रुपए

लुटेरा

जयपुर : लॉकडाउन में आर्थिक तंगी ने एक युवक को शातिर लुटेरा बना दिया। कर्ज चुकाने और शौक पूरे करने के लिए चेन स्नेचिंग करने लगा। इससे भी रकम की जरुरत पूरी नहीं हुई तो हवाला कारोबारी को निशाना बनाया। 23 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे अजमेरी गेट के पास मिश्र राजा जी का रास्ता में हवाला कारोबारी प्रेमा देवासी के घर में घुसे। वहां अकेली मौजूद पत्नी रेखा को बंधक बनाया और चाकू दिखाकर अलमारी में रखे 25 लाख रुपयों से भरा बैग लूटकर भाग निकले।

पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए वारदात के मास्टरमाइंड पबीरदास उर्फ बॉबी ने शातिराना योजना बनाई। लेकिन सीसीटीवी फुटेज और पुलिस के दिमाग ने उसकी साजिश को फेल कर दिया। महज 10 दिनों मास्टरमाइंड पबीरदास और उसका दोस्त अनिल गुरुवार को जयपुर में कोतवाली थाना पुलिस की गिरफ्त में आ गया। दोनों बदमाश रिमांड पर चल रहे है। उनसे लूटे गए 21.70 लाख रुपए बरामद कर लिए है। पूछताछ में उनसे अहम खुलासे हुए है।

स्कूल में साथ पढ़े है दोनों लुटेरे

डीसीपी (नार्थ) परिस देशमुख ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पबीरदास उर्फ बॉबी (30) कूच बिहार, पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। वह मास्टरमाइंड है। पहले चेन स्नेचिंग की वारदातों में गिरफ्तार हो चुका है। जयपुर की जवाहर नगर बस्ती में बचपन से ही रह रहा है। दूसरा आरोपी अनिल जाटव (23) है। वह जयपुर में आगरा रोड पर विजय नगर विस्तार का रहने वाला है, जो कि पबीरदास के स्कूल का सहपाठी रहा है। वे दोनों गहरे दोस्त है। रुपयों के लालच में अनिल ने पबीरदास का साथ दिया।

वायलीन के स्टीकर से खुली वारदात

एडिशनल डीसीपी (नार्थ) धर्मेंद्र सागर ने बताया कि कोतवाली ओमप्रकाश मातवा के नेतृत्व में चार थानों की स्पेशल टीम में शामिल 15 पुलिसकर्मियों ने पड़ताल शुरु की। करीब 50 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। वारदात के बाद पबीरदास और अनिल कुछ दूर पैदल चले। फिर ई-रिक्शा लिया। इसके बाद एक ऑटोरिक्शा में बैठकर जवाहर नगर तक पहुंचे। इसमें सीसीटीवी फुटेज में लुटेरा का जूता भी नजर आया। बदमाश जिस ऑटोरिक्शा में बैठकर भागे थे।

इसमें पीछे पर्दे पर वायलिन का बड़ा स्टीकर लगा हुआ था। ऐसे में पुलिस टीम ने शहर में प्रमुख ऑटोरिक्शा स्टैंडों पर जाकर करीब 500 ऑटोरिक्शा चालकों से पूछताछ की। तब पबीरदास और उसके साथी अनिल को जवाहर नगर तक पहुंचने का पता चला। सीसीटीवी फुटेज में सामने आए हुलिए के आधार पर पबीर की पहचान भी कर ली गई। इस बीच वह अयोध्या भाग निकला। वहां से दोस्त अनिल के पास आया। तभी उसे कोतवाली पुलिस ने धरदबोचा।

बैग बनाने की दुकान पर काम करता था पबीरदास

पबीरदास उर्फ बॉबी करीब तीन साल पहले नाहरगढ़ रोड पर बैग बनाने वाली दुकान पर काम करता था। उसके मालिक का रुपयों के लेनदेन को लेकर हवाला कारोबारी प्रेमाराम की फर्म से संपर्क था। अक्सर पबीरदास खुद अपने सेठ के कहने पर बड़ी रकम हवाला कारोबारी के यहां जमा करवाने जाता था। इससे पबीरदास को हवाला कारोबारी के कारोबार की जानकारी थी। लॉकडाउन में आर्थिक कर्ज होने पर पबीरदास परेशान हो गया।

डेढ़ महीने पहले भी किया था लूट का प्रयास

कर्ज से उबरने के लिए पबीरदास ने हवाला कारोबारी प्रेमा देवासी के घर पर लूट की साजिश रची। जिसमें उसने दोस्त अनिल को साथ मिला लिया। करीब डेढ़ महीने पहले पबीरदास ने हवाला कारोबारी की अजमेरी गेट के पास मिश्र राजा जी के रास्ते में फर्म का रैकी की। उसने हवाला कारोबारी के कर्मचारियों को धक्का मारकर रुपए लूटने का प्रयास किया। लेकिन सफल नहीं रहा। इसके बाद उसने 23 अक्टूबर को वारदात की। वह करीब एक साल पहले चेन स्नेचिंग के केस में जेल जा चुका है। तब अनिल ने उसकी जमानत करवाई थी।

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