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सुप्रीम कोर्ट का RAS मुख्य परीक्षा पर रोक से इनकार, 20-21 मार्च को होगा एग्जाम

देशद्रोह

जयपुर: सुप्रीम कोर्ट ने RAS मुख्य परीक्षा पर रोक से इनकार करते हुए आरएएस भर्ती परीक्षा-2021 के मामले में अहम फैसला दिया है। जिससे प्री परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थियों, मेन्स में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों, कोर्ट में याचिका लगाने अभ्यर्थियों और RPSC चारों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने RAS मुख्य एग्जाम पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई है। इससे मेन्स का एग्जाम 20 और 21 मार्च को ही होगा।

साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया है कि याचिका लगाने वाले सभी 243 कैंडिडेट्स मेन्स एग्जाम में शामिल हो सकेंगे। ये वे कैंडिडेट्स थे जो कुछ नंबर से प्री में पास नहीं हुए थे। RPSC की तरफ से कैंडिडेट्स को इसकी सूचना दी जाएगी। इससे याचिकाकर्ताओं को भी फिलहाल राहत मिल गई है।

सुप्रीम कोर्ट से राहत

राजस्थान हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता 243 कैंडिडेट्स के एडवोकेट रामप्रताप सैनी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस ऋषिकेश रॉय की डिविजनल बेंच ने आरपीएससी और याचिकाकर्ता दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद केवल वही कैंडिडेट्स मेन्स एग्जाम में शामिल हो सकेंगे। जिन्होंने कोर्ट में याचिका लगा रखी है। सुप्रीम कोर्ट में आरएएस की मुख्य परीक्षा को स्थगित करने, आरएएस प्री परीक्षा का रिजल्ट रद्द करने और खुद को मेन्स एग्जाम में शामिल करने की गुहार लगाते हुए 243 कैंडिडेट्स ने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका लगा रखी है।

याचिका में आरएएस-प्री परीक्षा की आंसर की को चुनौती दी गई। अंकित शर्मा व अन्य की याचिका में बताया गया कि राजस्थान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 22 फरवरी 2022 को आरएएस प्री परीक्षा का रिजल्ट रद्द कर दिया था। 5 विवादित प्रश्नों को एक्सपर्ट कमेटी के पास भेजा था। एक प्रश्न का हाईकोर्ट बेंच ने उत्तर बदलने और एक को डिलीट करने के आदेश दिए थे। इसके बाद आरपीएससी ने 23 फरवरी को राजस्थान हाईकोर्ट डिविजनल बेंच में इस फैसले को चुनौती दी। डिविजनल बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी। मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भी पास हुए कैंडिडेट्स के साथ परीक्षा में शामिल करने की अनुमति दी है।

 

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