जयपुर : रीट, पुलिस सब इंस्पेक्टर, लाइब्रेरीयन आदि परीक्षाओं में हुई धांधलियों की सीबीआई से जांच, नकलमाफ़ियायों के खिलाफ सख्त कानून की मांग को लेकर 14 दिन से आमरण अनशन पर बैठे शौर्यचक्र विजेता विकास जाखड़ का अनशन रीट अभ्यर्थि उजाला मूंड, मोनिका चौधरी व महावीर चक्र विजेता दिगेन्द्र सिंह ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वा दिया। अनशन तोड़ने के बाद विकास जाखड़ ने कहा कि सभी की मनमनुहार पर मैने अनशन तोड़ा है, लेकिन इन परीक्षाओं की जब तक सीबीआई से जांच नही होगी। तब तक शहीदे आजम भगतसिंह की राह पर चलकर आंदोलन जारी रखेंगे।
मरुसेना के प्रदेशाध्यक्ष जयन्त मूण्ड ने बताया कि आज शहीद दिवस के मौके पर काफी समझाइश के बाद आमरण अनशन बिनी किसी राजनीतिक व्यक्ति के तुड़वा दिया गया है। शौर्यचक्र विजेता के लिए प्रदेश का हर नौजवान खड़ा है। प्रदेश की सरकार के लिए बेहद शर्मनाक है कि जिस सैनिक ने देश के दुश्मनों से मुकाबला किया। 07 नक्सलियों को मार गिराया वो अनशन पर है लेकिन कोई राज्य सरकार का मंत्री व बड़े प्रशासनिक अधिकारी मिलने भी नही गए। सैनिक बाहुल्य वाले प्रदेश में शौर्यचक्र विजेता सैनिक का अपमान हुआ है जो प्रदेश की राजनीति का काला अध्याय है।
हमने गांधीवादी तरीके से आंदोलन की शुरुवात करी थी लेकिन प्रदेश को सरकार तो बेरोजगारों व उनकी बात करने वालो को मारने की मंशा लिए बैठी है। अब इसको लेकर प्रदेशभर में नुक्कड़ सभाएं करेंगे,जनसमर्थन लेंगे और आगामी विधानसभा सत्र में सरकार इन मांगों को लेकर कोई कड़े कानून व सीबीआई जांच नही करवाती है तो सरकारी मंत्रियों व विधानसभा का घेराव करेंगे। राज्य सरकार के कार्यक्रमों में खुलकर विरोध करेंगे। हमें सरकारी संस्था एसओजी पर बिल्कुल भी भरोसा नही है, इन पेपर आउट प्रकरण में सरकार के बड़े नेता व उनके रिश्तेदार लिप्त है उनको बेनकाब करने का काम प्रदेश का बेरोजगार करेगा।
इस दौरान विकास के पिताजी रतिराम जाखड़, पत्नी सुमन देवी, राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रप्रतिनिधि राजेश मांडिया, सामाजिक कार्यकर्ता संजय पूनियां श्रीगंगानगर, नर्सिग नेता भरत बेनीवाल, श्रवण चाहर, मनीषा धनखड़, अंकिता, निशा, विक्रम कुल्हरी, तौफीक अली, मनोज सहारण, मनीष सैनी समेत सैकड़ो लोग मौजूद थे।
