विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का केन्द्र बने विद्यालय, नैतिक शिक्षा के साथ राष्ट्रवाद की भावना का विकास जरूरी

  • केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 6 की विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में बोले आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा
  • यह भी कहा - शिक्षा व्यापार नहीं बल्कि सेवा और जिम्मेदारी का है काम

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शिक्षा

जयपुर। आवासन आयुक्त पवन अरोडा की अध्यक्षता में केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 6 प्रताप नगर की विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक मण्डल के बोर्ड रूम में आयोजित हुई। बैठक को संबोधित करते हुए आवासन आयुक्त पवन अरोडा ने कहा कि हमारा प्रयास विधार्थियों के सर्वांगीण विकास पर होना चाहिए। उनमें भाषिक दक्षता के साथ नैतिकता का स्तर भी सर्वोच्च रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय वह स्थान होता है जहां पर हम देश के भविष्य का निर्माण करते हैं। आयुक्त ने कहा कि बच्चों की रूचि के अनुसार उन्हें प्रोत्साहन मिलना चाहिए और उन्हें विद्यालय द्वारा माहौल उपलब्ध करवाना चाहिए। उनमें अर्न्तनिहित प्रतिभाओं के तराशने पर काम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय का प्रांगण साफ-सुथरा और अच्छा होना चाहिए। उसमें पीने का पानी, खेलकूद, लाईब्रेरी, क्लास रूम जैसी सुविधाएं व्यवस्थित होनी चाहिए।

विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सह शैक्षिक गतिविधियों जैसे खेलकूद, संगीत, पेंटिंग, वाद-विवाद प्रतियोगिता, नाटकों का मंचन आदि पर भी काम होना चाहिए। विद्यालय को अच्छा बनाने के लिये सी.एस.आर. और अभिभावकों का भी सहयोग लिया जा सकता है। बैठक में विद्यालय के रख रखाव, स्वच्छ एवं हरित विद्यालय हेतु आवश्यक कार्य, विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षा व विद्यालय कैम्पस की चारदीवारी की उंचाई बढ़ाने सहित अन्य विषयों पर चर्चा हुई।

उल्लेखनीय है कि आयुक्त इस विद्यालय की विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष है। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य और सदस्य सचिव जी.डी. मीना, प्रख्यात शिक्षाविद चन्द्र प्रकाश शर्मा, डी.के. वर्निया, संगीतज्ञ रीता रॉय, प्रख्यात चिकित्सक डॉ. आर.के. मीना, अजा/जजा प्रतिनिधि इंदरमल दानोदिया, शिक्षक प्रतिनिधि नत्थु सिंह, अभिभावक प्रतिनिधि सीमा पारीक, मुकुट बिहारी मीना, सहयोजित सदस्य कमांडेंट वाई.पी. सिंह अध्यक्ष, CGEWCC डी.के. शुक्ला, और तकनीकी सदस्य आर.सी. बुड़ानिया उपस्थित थे।

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