जोधपुर : राजस्थान हाईकोर्ट ने शनिवार को REET परीक्षा 2021 में शामिल एडिशनल डिग्रीधारकों को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए प्रोविजनली शामिल करने का आदेश दिया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत अंतिम निर्णय रहेगा। यह आदेश सभी एडिशनल डिग्री धारकों के लिए समानरूप से प्रभावी रहेगा।
REET परीक्षा में एडिशनल डिग्रीधारकों की मान्यता को हाईकोर्ट पूर्व में नकार चुका है। इसके बाद एडिशनल डिग्रीधारकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस फैसले को चुनौती दे रखी है। सुप्रीम कोर्ट में इस पर फैसला लंबित है। इस बीच एडिशनल डिग्रीधारकों की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक अंतरिम राहत देने का आग्रह किया गया था। न्यायाधीश अरुण भंसाली ने इस मामले में दोनों पक्ष को सुनने के बाद एडिशनल डिग्रीधारकों को सशर्त अंतरिम राहत प्रदान कर दी। उनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन रहेगी। यह सभी एडिशनल डिग्रीधारकों पर समान रूप से लागू रहेगा। किसी को अलग से याचिका दायर करने की नही जरूरत नहीं होगी।
क्या होती है एडिशनल डिग्री
बीए की डिग्री पूरी करने के पश्चात अगर कोई स्टूडेंट आर्ट्स के किसी अन्य अतिरिक्त विषय में स्नातक डिग्री करता है तो उसे एडिशनल बीए कहते है। इसकी अवधि न्यूनतम एक वर्ष से लेकर अधिकतम तीन वर्ष तक हो सकती है। कई यूनिवर्सिटी एवं कॉलेजों में एडिशनल बीए करवाई जाती है।
