जयपुर। राजस्थान में दो दिन से अजमेर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, कोटा, टोंक, नागौर समेत 12 जिलों में हुई मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया। कोटा, बारां, भीलवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। कोटा के खातौली में पार्वती नदी उफान पर है। कोटा-श्योपुर मार्ग बन्द है, जिससे मध्य प्रदेश से संपर्क कट गया। नागौर के मकराना में 9 इंच से ज्यादा और कुचामन में 90रूरू बारिश के बाद 30 साल बाद जोजरी नदी उफान पर है।
कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात
बारिश से इटावा और सुल्तानपुर क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हो गया। निचले इलाकों में बसी बस्तियों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात हो गए। अमरपुरा ड्रेन की पुलिया पर 3 से 4 फीट पानी भरने के कारण ऑटोन-सुल्तानपुर मार्ग बंद हो गया है। अजमेर में भी शनिवार रात से रुक-रुककर बारिश का दौर आज सुबह तक जारी रहा। आनासागर में पानी की आवक शुरू हो गई। रात को हुई बरसात के कारण अलवर गेट, जादूगर बस्ती, गुर्जर धरती, नगरा, भजन गंज, अशोक नगर भट्टा, बिहारीगंज, झलकारी नगर सहित कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं। यहां सरकारी स्कूल, थाने सहित कई घरों में पानी भर गया।
मकान की छत गिरने से महिला की मौत
कुचामन में भारी बारिश से सड़कें दरिया बन गई। मेड़ता सिटी के कुरडाया गांव में मकान की छत गिरने से महिला की मौत हो गई। मकराना शहर में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 10 फीट तक पानी भर गया। जूसरी रोड पर भी एक मकान गिर गया। कुचामन के नालोट गांव में सड़क किनारे खड़ी एक बस भी पानी में डूब गई। बारिश के पानी का बहाव इतना तेज था कि बस पलट भी गई। डीडवाना में तेज ठेठड़ा भैरूजी के पास एक पुरानी दुकान पूरी तरह से गिर गई। भीलवाड़ा में भी तेज बारिश के कारण कई घरों में पानी भर गया। जयपुर मौसम विभाग की ओर से आज और 2 अगस्त को कोटा संभाग के बारां, झालावाड़ क्षेत्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। 200 एमएम तक वर्षा की आशंका जताई गई है। इसके अलावा रविवार को जोधपुर और उदयपुर संभाग के कुछ जिलों में भी भारी बारिश की आशंका है।

