जयपुर: भाजपा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा अनाथ बच्चों के लिए पैकेज और योजना की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास के बाहर धरने पर आकर बैठ गए। राज्य सभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के आज एक बार फिर अचानक मुख्यमंत्री आवास पहुँचने से हडकंप की स्थिति बन गई। प्रदेश के विभिन्न जिलों के 40 अनाथ बच्चों को साथ लेकर आये थे। इस दौरान उनके साथ आये बच्चों ने अपने हाथों में मांगों से जुडी तख्तियां पकडे हुई थीं। मामले की जानकारी मिलने पर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सांसद मीणा से बात करने पहुंचे। परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास से वार्ता के बाद सांसद मीणा ने अपना धरना समापत कर दिया।
दरअसल, सांसद डॉ. मीणा की मांग है कि राज्य सरकार ने हाल ही में ‘मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना’ की घोषणा की है, उसी तर्ज़ पर प्रदेश के अन्य अनाथ बच्चों की भी सुध लेकर उन्हें भी आर्थिक संबल दिया जाए। वहीँ सांसद मीणा ने ये भी कहा कि प्रदेश भर में ऐसे हज़ारों अनाथ बच्चे हैं जिन्हें राज्य सरकार की पालनहार योजना के अंतर्गत भी कोई आर्थिक मदद नहीं मिल रही है।

ख़ास बात यह रही कि डॉ. मीणा के सीएम हाउस पहुँचने के कुछ देर बाद ही सरकार की तरफ से बातचीत के लिए परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी पहुँच गए। इस दौरान खाचरियावास ने डॉ. मीणा से सीएम हाउस के बाहर ही सभी के मौजूदगी में वार्ता कर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। खाचरियावास के आश्वासन के बाद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
गौरतलब है कि ‘मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना’ के तहत अनाथ हुए बच्चों को तत्काल प्रभाव से एक लाख का पैकेज, 18 साल तक अनाथ बच्चों को हर महीने ढाई हजार रूपए और 18 वर्ष पूरे होने पर पांच लाख की सहायता के साथ 12 वीं कक्षा तक शिक्षा फ्री दिए जाने का प्रावधान है।
