किरोड़ी आखिर REET पेपर कंटेनर के मृत ड्राईवर की पत्नी को न्याय दिलवाकर ही धरने से उठे

  • मंत्री गुढ़ा ने सरकार की ओर से 10 लाख रुपए, बोर्डर होम गार्डस में नौकरी की घोषणा कर धरना समाप्त करवाया
  • पीड़िता और किरोड़ी गुढ़ा के निवास पर ही धरने पर बैठे थे
  • किरोड़ी भी देंगे पीडि़ता को एक माह का वेतन

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जयपुर। REET पेपर लेकर कोलकाता से आई गाड़ी के पलटने से मारे गए ड्राइवर की विधवा मनीष जाट को 10 लाख रुपए के साथ सरकारी नौकरी मिलेगी। मुकदमा से एफआर भी हटेगी और उसके साथ ठेकेदार से भी दो लाख रुपए अलग दिलवाए जाएंगे। ये घोषणा आज सैनिक कल्याण राज्य मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने देर शाम की और उनके घर पर बैठे भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, विधवा मनीषा, उसका बच्चा व बुढ़ी मां को सम्मान विदा किया। आखिर राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ीलाल मीणा न्याय दिलवाकर ही धरने से उठे।

डॉ. मीणा पिछले तीन दिनों से पहले ईडी तथा फिर सैनिक कल्याण राज्य मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा के घर पर मृतक ड्राइवर के परिवार के साथ धरना जमाएं बैठे थे। गुढ़ा की इस घोषणा का डॉ.किरोड़ी लाल ने भी स्वागत करते हुए सरकार की ओर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता तथा नौकरी आदि की बात को दोहराते हुए कहा कि वे भी एक माह का वेतन इस बेवा महिला को देंगे। मीणा ने कहा कि साढ़े चार माह से ये महिला दर-दर न्याय के लिए भटक रही थी। आज जाकर न्याय मिल पाया है। उन्होंने इसके लिए गुढ़ा का विशेष आभार जताते हुए कहा कि वे उनके इस अहसान को कभी नहीं भूलेेंगे।

राज्यमंत्री राजेंद्र गुढा ने REET 26 लाख युवाओं से जुड़ा मामला बताते हुए कल ही अपने निर्वाचन क्षेत्र में कहा था कि इस प्रकरण में यदि सीएम भी दोषी हैं ताे जेल जाना चाहिए। उनका यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि उनके विधानसभा क्षेत्र में सिंगनौर निवासी एक महिला मनीष देवी REET में धांधली और अपने पति की मौत की जांच की मांग को लेकर दो दिन से जयपुर में उनके आवास पर धरने पर बैठी थी। मनीष के पति रामनिवास गोदारा कोलकाता से रीट के पेपर ला रहे थे। 22 सितंबर की रात जयपुर जिले में कंटेनर पलटने से रामनिवास की मौत हो गई थी। उनकी पत्नी मनीष का आरोप है कि यह हादसा नहीं बल्कि नकल माफिया का षडयंत्र था। जिसके जरिए उसके पति की हत्या की गई। मनीष देवी के साथ धरने पर उनका 12 वर्षीय बेटा और भाजपा सांसद किरोड़ीलाल मीणा भी बैठे।

राज्यमंत्री राजेंद्र गुढा ने ही पुलिस कमिश्नर से बात कर पुलिस को धरने से हटाने से रोका था। गुढा ने कहा था कि महिला को सहायता दिलाने के लिए वे लगातार प्रयास कर रहे है। मुख्यमंत्री से भी बात की है। दो लाख रुपए उस ठेकेदार से दिलवाए जा रहे हैं जिसके यहां मनीष का पति काम करता था। गुढा ने ही कंटेनर चालक की माैत के मामले में पुलिस ने हादसा मानकर लगाई एफआर को डीजीपी से बात कर फिर से खुलवाई ।

ये बोले किरोड़ी

विगत 3 दिनों से श्रीमती मनीष जाट को न्याय दिलाने के लिए मैं धरने पर रहा। देर सबेर सरकार की नींद खुली और अभी मंत्री श्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा जी सरकार का संदेश लाए। मैं पीड़िता को मिले न्याय के लिए गुढ़ा की प्रशंसा करता हूँ और धरना समाप्त करता हूँ।

मैं प्रसन्नता व्यक्त करता हूँ कि श्री राजेन्द्रसिंह गुढ़ा के प्रयास से श्रीमती मनीष जाट को सरकार से 10 लाख ,ट्रक ठेकेदार से 2 लाख एवं मेरी और से एक माह का वेतन दिया जा रहा है। श्रीमती जाट को सरकारी नौकरी मिलेगी और प्रधानमंत्री आवास योजना से घर दिया जाएगा।:-

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